जहानाबाद। अमौली ब्लाक के सरायं धरमपुर गांव मे मसौमी बुखार की दवा खाने से मरीजों की हालत और भी बिगड़ गई। किसी के मुंह से खून आया तो किसी को उल्टी होने लगी। आनन-फानन में लोगों को परिजन कानपुर व नर्सिंग होम में लेकर गए।
बता दें कि शुक्रवार को गांव में संक्रामक बीमारी की सूचना पर समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से चिकित्सा अधीक्षक डा. अनिल वर्मा के साथ टीम पहुंची थी। टीम ने संक्रामक रोगियों की स्लाइडें बनाई थीं। गांव में डाक्टरों को आया देख कर सर्दी, जुखाम, बुखार से पीड़ित भी इलाज के लिए उनके पास पहुंचे। डाक्टरों ने बीमार लोगों को खाने के
लिए दवाइयां दी थीं। पीड़ित दवा खाने के कुछ देर बाद और बीमार पड़ने लगे। किसी को खून की उल्टी तो किसी को दस्त आने लगे। शनिवार को इसकी जानकारी गांव में तैनात एएनएम संगीता चौधरी को हुई तो उन्होंने चिकित्सा
अधीक्षक डा. अनिल वर्मा को दी। पर, इसके बाद भी सीएचसी से कोई डाक्टर नहीं आया। किसी डाक्टर के न आने से बीमार अजय, राजकुमारी, रामशंकर, दीपू, राधे किशन, कृष्णा, अर्चना, मुकेश, शिवम आदि को लेकर
परिजन कानपुर व जहानाबाद मे इलाज के लिए प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया है। इस संबंध में जब चिकित्सा अधीक्षक डा. अनिल वर्मा से जानकारी लेने के लिए मोबाइल से संपर्क करना चाहा तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
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