फतेहपुर। मतदाताओं के सत्यापन के काम में लापरवाही बरतने से नाराज डीएम संजीव सिंह ने जनपद के सभी उपजिलाधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों समेत कई अधिकारियों के वेतन आहरण पर रोक लगा दी है। मतदाताओं के सत्यापन के काम में लापरवाही उजागर होने पर यह कार्रवाई हुई है।
दरअसल एक सितंबर से एक अक्तूबर तक के एक माह के लिए मतदाताओं के पुनरीक्षण का कार्यक्रम आयोग के निर्देश पर शुरू किया गया था। जब डीएम ने इसकी समीक्षा की तो पता चला कि एक माह दस दिन का समय बीत
जाने के बाद भी 18,35,251 मतदाताओं के सापेक्ष अब तक महज 2,24,380 मतदाताओं का ही सत्यापन हो पाया है। जो कुल मतदाताओं का मात्र 12.23 प्रतिशत है। यह काम निर्धारित एक माह की अवधि में सौ फीसदी
पूरा हो जाना चाहिए था। डीएम ने समीक्षा में पाया कि जहानाबाद विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में 71, बिंदकी में 51, सदर में 67, खागा में 50 बूथों पर मतदाता सत्यापन का काम शून्य है। इन सभी विधानसभा क्षेत्रो में
54,113,76,68,63 एवं 39 बूथों पर केवल एक से लेकर नौ की संख्या में मतदाता सत्यापन का कार्य हुआ है। इस लापरवाही पर डीएम ने सभी एसडीएम, तहसीलदारों, नाएब तहसीलदारों, बीडीओ, खंड शिक्षाधिकारियों और
बाल विकास परियोजना अधिकारियों के वेतन आहरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। डीएम ने बताया कि इन सभी अधिकारियों से इस लापरवाही के प्रति जवाब भी तलब किया गया है।
डॉ. उमाकांत पांडेय का कहना है कि जिले में मौसमी बुखार के लिए पैरासिटामाल दी जा रही है। यदि दवा में दिक्कत होती तो कहीं और से भी शिकायत आती। हो सकता है मरीजों को कुछ और भी समस्या रही हो। टीम के लोगों से बात कर इसकी जांच कराई जाएगी।