रेलवे स्टेशन के बाहर अलाव तापते लोग।
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बर्फीली हवाओं से पारा लगातार लुढ़क रहा है। रविवार को न्यूनतम पारा एक डिग्री लुढ़क कर आठ डिग्री सेल्सियस पर आ गया। इससे सुबह, शाम की गलन बढ़ गई है। हालांकि अधिकतम पारा 24 डिग्री ही रहा। इससे दिन में लोगों ने कुछ राहत महसूस की। ट्रेन और बस सेवाएं भी बाधित हो गई हैं। यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
पहाड़ों की हवाओं का असर यहां भी दिखाई दे रहा है। शनिवार को न्यूनतम पारा नौ डिग्री रहा जो गिर कर आठ डिग्री पर पहुंच गया है। अधिकतम पारा में गिरावट नहीं हुई है। सुबह, शाम की ठंड ने लोगों को परेशान कर दिया है।
झोपड़ी में गुजर-बसर करने वाले लोग ठंड से बचने के लिए पेड़ों की लकड़ियां इकट्ठा करने में जुट गए हैं। सुबह होते ही महिलाएं सड़क किनारे खड़े पेड़ की सूखी लकड़ियां बिनने के लिए निकल जाती हैं। वहीं रेलवे स्टेशन और रोडवेज बस अड्डा के पास लगे अलाव में यात्रियों के अलावा आसपास के लोगों की भीड़ लगी रहती है।
रविवार को भी डाउन लाइन की ट्रेनों पांच से छह घंटा देरी से स्टेशन पर आईं। रात्रिसेवा वाली रोडवेज बसों का संचालन पूरी तरह से बेपटरी हो गया। शाम के सात बजते ही बस अड्डा में बसों का आवागमन बंद हो जाता है। यदाकदा ही बसें आती हैं। इससे यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ती है।
ठंड से मासूम की मौत
बिंदकी (ब्यूरो)। कोतवाली क्षेत्र के सदान बदान पुरवा निवासी रणविजय सिंह के डेढ़ वर्षीय पुत्र अंश को शनिवार की रात ठंड लग गई। हालत खराब होने पर परिजनों ने उसे खजुहा कस्बे के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के दौरान उसकी हालत चिंताजनक देख डाक्टर ने सीएचसी बिंदकी के जाने की सलाह दिया। यहां सीएचसी बिंदकी के डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।