सूखा, बेमौसम बरसात और ओलावृष्टि के बाद अब बीमारियों का कहर। उल्टी-दस्त, वायरल फीवर, त्वचा संबंधी बीमारियों ने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। चालू सप्ताह में जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या डेढ़ गुना ज्यादा पहुंच गई है। डाक्टरों न बताया कि कई माह से मौसम के बदलते रुख के कारण अन्य वर्षों की तुलना में इस बार मरीजों की संख्या में खासा इजाफा हुआ है। अभी मई और जून की आग सी बरसती गरमी और लू के थपेड़े चलना शेष है। लोगों को उल्टी-दस्त और डायरिया से जूझना पड़ सकता है।
पिछले हफ्ते तक जिला अस्पताल में प्रतिदिन पंजीयन कराने वाले रोगियों की संख्या 6 सौ के आसपास रहती रही है, लेकिन यह आंकड़ा अब 9 सौ के करीब पहुंच गया है। डाक्टरों का मानना है कि असंतुलित मौसम लोगों के लिए अच्छा नहीं है। अभी सुबह के समय ठंड हवाएं और कुछ देर बाद आग सी बरसती गरमी संक्रामक बीमारियों का दावत दे रही है। अस्पताल के पुरुष और महिला वार्ड रोगियों से फुल हैं। अब डाक्टरों को रोगी भर्ती करने में सोचना पड़ रहा है। घघौरा के भोला ने बताया कि तेज बुखार के कारण उसने भर्ती करने के लिए कहा था, लेकिन डाक्टर ने दवा देकर घर भेज दिया है। सैबसी के राजाराम ने बताया कि काफी दिन से शरीर दर्द की शिकायत है, लेकिन उसके कहने के बावजूद भर्ती नहीं किया गया। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक एके मिश्रा का कहना है कि असंतुलित मौसम में रोगियों का संख्या बढ़ना आम बात है। ऐसा हर साल होता है। इस मौसम रोगियों की संख्या बढ़ जाती है। इसमें परेशान होने की कोई बात नहीं है। जिला अस्पताल में डाक्टरों के साथ दवाओं का पर्याप्त स्टाक है। अस्पताल हर स्थिति से निपटने में सक्षम है।