फतेहपुर। ओमिक्रॉन और कोरोना की तीसरी संभावित लहर से जंग के लिए स्वास्थ्य विभाग आधी-अधूरी सेना के साथ तैयारी कर रहा है। जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी, पीएचसी तक में मेडिकल स्टाफ की कमी स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों को कमजोर कर रही है।
पिछली बार कोरोना से लड़ाई में लेवल वन श्रेणी के मरीजों को स्वास्थ्य विभाग सहारा दे पाया लेकिन जब-जब लेवल टू या थ्री श्रेणी के मरीज आए तो उन्हें डॉक्टरों ने रेफर करना ही मुनासिब समझा। गंभीर हालत में मरीज को लेकर तीमारदारों ने कानपुर, प्रयागराज और लखनऊ का रुख किया। जो समय पर पहुंच गए वे तो बच गए लेकिन कईयों को जान से हाथ धोना पड़ा। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग को उम्मीद है कि मेडिकल कॉलेज शुरू होने के बाद स्टाफ की कमी भी नहीं रहेगी।
पद - जरूरत - उपलब्धता
एनेस्थेटिस्ट - 9 - 5
चिकित्सक - 156 - 100
बाल रोग चिकित्सक - 11 - 3
स्टाफ नर्स - 43 - 21
वार्ड ब्वॉय - 65 - 39
लैब टेक्नीशियन - 37 - 25
सफाईकर्मी - 65 - 38
मेडिकल स्टाफ की कमी से शासन को अवगत कराया गया है। हमारे पास जितना स्टाफ और संसाधन है, उससे हम तीसरी लहर से निपटने को तैयार हैं। मेडिकल कॉलेज की वजह से हमारे पास अब आपात स्थिति में विशेषज्ञों की भी कमी नहीं रह जाएगी।
- डॉ. राजेंद्र सिंह, सीएमओ।