फतेहपुर अमर उजाला की मुहिम रंग लाती दिख रही है। आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन में स्वास्थ्य विभाग की ओर से बरती गई लापरवाही पर जिलाधिकारी संजीव सिंह ने सख्त रुख अख्तियार किया है। अमर उजाला में प्रकाशित खबरों के साथ सीएमओ को पत्र भेजकर पूरे मामले में की जांच कर रिपोर्ट तलब की है।
15 दिन में जांच पूरी करने को कहा गया है। डीएम के इस कदम के बाद आयुष्मान योजना में सुधार की उम्मीद जगी है। जिले में संचालित आयुष्मान भारत योजना पर अमर उजाला ने 23 सितंबर से सीरीज चलाई। पड़ताल में सामने आया था कि बिंदकी और अमौली ब्लॉक क्षेत्र के गांवों में बुखार की चपेट में आ रहे लोग आयुष्मान योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं।
इलाज के लिए किसी को भैंस बेचनी पड़ी तो किसी को कर्ज लेकर इलाज कराना पड़ा।
अमर उजाला को आयुष्मान लाभार्थियों ने फोन कर बताया था कि उनके पास गोल्डन कार्ड होने के बाद भी अस्पताल से लौटा दिया गया। कुछ गोल्डन कार्ड धारकों ने बताया था कि उनसे इलाज के नाम पर अस्पताल में पैसों तक की मांग की गई।
पड़ताल में यह भी सामने आया था कि अस्पतालों में नियुक्त आयुष्मान मित्र के गायब रहने से लाभार्थियों को योजना की जानकारी तक नहीं मिल पा रही है। लाभार्थी कैसे और कहां पर अपने मर्ज का इलाज करा सकते हैं इस बारे में भी उन्हें बताने वाला कोई नहीं। लगातार इस मुद्दे को उठाने के बाद सोमवार को जिलाधिकारी संजीव सिंह ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ डॉ. सूर्य प्रकाश अग्रवाल को जांच के आदेश दिए हैं।
डीएम ने सीएमओ को भेजे पत्र के साथ अमर उजाला में प्रकाशित खबरों को भी संलग्न किया है और इन खबरों का हवाला लेते हुए 15 दिन में जांच पूरी कर रिपोर्ट देने के लिए कहा है। डीएम के इस रुख के बाद उम्मीद जगी है कि आयुष्मान योजना को लेकर स्वास्थ्य विभाग में न सिर्फ सुधार नजर आएगा बल्कि इलाज के नाम पर लाभार्थियों को टरकाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।