फतेहपुर। व्यावसायिक शिक्षा कक्षा 9 से 12 तक अनिवार्य किए जाने के बावजूद जिले के 15 विद्यालयों में छात्रों की संख्या लगातार घट रही है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने इसके लिए संबंधित प्रधानाचार्यों की उदासीनता को जिम्मेदार मानते हुए उन्हें पत्र जारी कर प्रत्येक ट्रेड में कम से कम 25 छात्रों का प्रवेश सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।
डीआईओएस राकेश कुमार ने बताया कि व्यावसायिक शिक्षा योजना का उद्देश्य छात्रों को रोजगार और स्वरोजगार के लिए तैयार करना है। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से कक्षा 9वीं और 11वीं में व्यावसायिक शिक्षा अनिवार्य की गई है। इसके बावजूद कुछ विद्यालयों में प्रधानाचार्यों के जानबूझकर अथवा उपेक्षापूर्ण रवैये के कारण व्यावसायिक ट्रेडों में पर्याप्त प्रवेश नहीं हो रहे हैं।
योजना के तहत संचालित प्रत्येक ट्रेड में न्यूनतम 25 छात्र, जबकि विशेष परिस्थितियों में 10 छात्रों का होना अनिवार्य है। उन्होंने प्रधानाचार्यों से अधिक से अधिक छात्रों को व्यावसायिक ट्रेडों में प्रवेश दिलाने के लिए प्रेरित करने को कहा है। चेतावनी दी कि 25 से कम छात्र संख्या होने पर संबंधित प्रधानाचार्य का दायित्व तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी।
इन विद्यालयों में भेजा गया पत्र
राजकीय इंटर कॉलेज फतेहपुर, रामदीन सिंह इंटर कॉलेज गाजीपुर, शुकदेव इंटर कॉलेज खागा, अशोक इंटर कॉलेज सांखा, दयानंद इंटर कॉलेज बिन्दकी, सर्वोदय इंटर कॉलेज गोपालगंज, अढौली इंटर कॉलेज, चौधरी रधुनाथ सहाय इंटर कॉलेज हथगाम, राजा रघुराज सिंह इंटर कॉलेज सवतमऊ, महात्मा गांधी इंटर कॉलेज सिधांव, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज फतेहपुर, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज बिंदकी, एचएनबी इंटर कॉलेज हुसेनगंज, धाता इंटर कॉलेज तथा बहुआ इंटर कॉलेज का नाम शामिल है।