प्रमाण पत्र देते डीएम डॉ. वेदपति मिश्रा
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फतेहपुर। ग्रामीण स्वास्थ्य की पहरुवा बनीं आशा-बहुओं पर केवल सेहत ही नहीं बल्कि अवैध कारोबार के रोकथाम की भी जिम्मेदारी होगी। किसी भी गांव में ऐसा कुछ हो रहा है तो वह तत्काल इसकी सूचना देंगी ताकि पुलिस और प्रशासन उस पर अंकुश लगा सके। शराब से बर्बाद हो रहे परिवारों को बचाने में आगे आना होगा।शहर के रामा श्यामा मैरिज हॉल में सोमवार को जिला स्तरीय आशा सम्मेलन हुआ। सम्मेलन के मुख्य अतिथि डीएम डॉ. वेदपति मिश्र ने आशाओं को कर्तव्य और निष्ठा का पाठ पढ़ाया। कहा कि उन पर बड़ी जिम्मेदारी है। ऐसे में लापरवाही ठीक नहीं है।
जिन गर्भवती महिलाओं के बैंक खाते नहीं खुल सके हैं उन्हें खाताधारक बनाने का जिम्मा निभाएं। बच्चों और गर्भवती महिलाओं का समय से चेकअप और टीकाकरण कराने में अहम योगदान दें। जोर दिया कि आशा बहुएं स्वास्थ्य, स्वच्छता और खान-पान संबंधी जानकारी देंगी। डीएम ने बेहतर काम करने वाली 39 आशा-बहुओं को सम्मानित किया तो निष्क्रिय 350 आशा बहुओं को सुधरने का एक मौका भी दिया गया। सीएमओ डॉ. विनय कुमार पांडेय से निष्क्रिय आशाओं को जवाबदेह बनाने पर जोर दिया गया। एसपी कलानिधि नैथानी ने आशा बहुओं से अपील की कि वह गांवों पर हर तरह से नजर रखें। कहीं कोई अपराध हो रहा है तो उसे वॉच करें। उन्होंने कहने में गुरेज नहीं किया कि गांवों में अवैध शराब का काम हो रहा है। इस धंधे पर विराम लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। इस मौके पर एसीएमओ डॉ. संजय कुमार, सदर अस्पताल के सीएमएस डॉ. ओपी द्विवेदी, जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. रेखारानी समेत स्वास्थ्य विभाग के अन्य जवाबदेह मौजूद रहे।