जिले में डेंगू व बुखार का कहर जारी है। कई ग्रामीण इलाकों व शहर के बाद अब बिंदकी में डेंगू ने हमला बोला है। बिंदकी के कृषि यंत्र बनाने वाले कारोबारी के भतीजे को डेंगू की पुष्टि होने पर कानपुर के चांदनी नर्सिंगहोम मेें भर्ती कराया गया है। धाता कस्बे में बुखार रोगियों की संख्या बढ़ रही है।
बिंदकी प्रतिनिधि के मुताबिक घियाही बाजार निवासी कारोबारी राजेश बजाज के भतीजे रोहित (17) को एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। स्थानीय इलाज से राहत न मिलने पर परिजन रोहित को कानपुर ले गए। उसे चांदनी नर्सिंगहोम में भर्ती कराया गया। नर्सिंगहोम ने प्लेटलेेट्स घटने की आशंका पर जांच कराई तो डेंगू होने की पुष्टि हुई।
जनता का कहना है कि पालिका की ओर से फॉगिंग न कराने से ये हालात बने हैं। धाता प्रतिनिधि के मुताबिक कस्बा समेत ग्रामीणांचल में बुखार का कहर बढ़ता जा रहा है। हर दूसरी तीसरी चौखट पर बुखार के रोगी उभर कर सामने आ रहे हैं। कस्बे के रामप्रताप सिंह, बदलू, छोटे, राम निहोरे, बीरेंद्र, धर्मेंद्र और मान सिंह बुखार समेत कम से कम दो सैकड़ा लोग बुखार से ग्रसित हैं।
क्षेत्र के बेनीपुर गांव में भी बुखार के रोगियों की तादाद बढ़ती जा रही है। यहां के सुखराज, महिपाल, शिवप्रताप, रामकुमार कई दिन से बीमार हैं। सरकारी इलाज में फायदा कम मिलता देख कर लोग क्लीनिक की शरण में जा रहे हैं। मारकंडेय सिंह, मो कलीम, रिजवान का कहना है कि कस्बे और गांवों में मच्छरों की दवा का छिड़काव नहीं कराया जा रहा है। वहीं पीएचसी प्रभारी डा. मनोज सिंह ने बताया कि मौसम परिवर्तन से लोग वायरल बुखार की चपेट में आ रहे हैं। बुखार आने पर तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक की सेवाएं लें। झोलाछाप से इलाज कराने से बचें।