जिला प्रशासन और टेेंपो वालों के बीच संचालन पर अंतिम निर्णय नहीं हो पा रहा है। विरोध-प्रदर्शन और अधिक टैक्स देने की दावेदारी के बाद जिला प्रशासन अब इन्हें तय रूट पर संचालन कराने का खाका खींच रहा है। दूसरी ओर यह बात उठने लगी है कि दो साल पहले भी रूट तय कर टेंपो संचालन शुरू हुआ था, कुछ महीने चलने के बाद फ्लॉप हो गया। इसके पीछे वजह कमाई वाले सीमित रूट हैं।
बता दें कि डीएम सेल्वा कुमारी जे. ने शहर में लगने वाले जाम को देखते हुए शहर में केवल ई-रिक्शा चलने देने और टेंपो को शहर के बाहर करने का फरमान सुनाया था। इसी के बाद से जिला प्रशासन और टेंपो वालों के बीच खटास की स्थिति पैदा हुई है।
इसके पीछे टेंपों वालों के अपने और प्रशासन के अपने तर्क हैं। टेंपो वाले कहते हैं कि जाम की वजह ई-रिक्शा भी हैं। टेंपो संचालक विधायक विक्रम सिंह से भी मिल चुके हैं। बाद में टेंपो वालों ने शहर में भी संचालन शुरू कर दिया। 30 मार्च को एआरटीओ दफ्तर में प्रदर्शन भी किया। शनिवार को एसडीएम व डीएसपी की मौजूदगी में तय रूट चार्ट पर ही टेंपो चलने की बात पर सहमति बनी। टेंपो चालकों से ही उनका रूट चार्ट मांगा गया है। ऐसे में अफरातफरी का माहौल है।