खजुहा विकास खंड के गांव कसियापुर में फैली संक्रामक बीमारियों की चपेट में आए पुराने मरीजों को सरकारी नहीं बल्कि बाहर की दवाइयों से आराम मिला है, जिसमें एक सैकड़ा मरीज इलाज कराने के बाद आराम मिलने से घर वापस लौट आए हैं। हालांकि गांव में पहुंची सरकारी टीम भी मरीजों का इलाज कर रही है। शनिवार को दस नए मरीजों का उपचार हुआ।
कसियापुर गांव में चौथे दिन खजुहा पीएचसी इंचार्ज डा. आरके सिंह के नेतृत्व में पहुंची टीम ने 21 मरीजों का परीक्षण कर उनकी ब्लड व पानी की जांच कराने के लिए स्लाइड फतेहपुर भेजी है। जिसकी रिपोर्ट रविवार को आएगी। यहां शनिवार को बढ़े नए मरीजों में राजेश्वरी, शिवकरन, दिव्या, अमन, पवन कुमारी, पवनेश, ब्रजलाल, शुभम, ऊषा, प्रदीप की जांच कर उनको दवाइयां दी गईं।
डाक्टर ने बताया कि पचास प्रतिशत से अधिक मरीजों को आराम मिल चुका है। बताया कि पहले दिन 131 दूसरे दिन 86, तीसरे दिन 70 और चौथे दिन मरीजों की संख्या घट कर 21 बची है। जब कि गंाव के सुभाष चंद्र, ओम प्रकाश, विनीत, राजेश आदि ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी दवाइयों से फायदा न मिलने के कारण उनको अपने मरीजों का इलाज कराने के लिए बिंदकी, जहानाबाद, फतेहपुर, कानपुर, घाटमपुर जाना पड़ा। वहां से आराम मिला है।
जांच में निकला डेंगू बुखार- जाफरगंज (बिंदकी)। कसियापुर में फैली बीमारी से पीड़ित गुरु प्रसाद की पत्नी शकुंतला को गांव में आई टीम की दवाइयों से फायदा न मिलने पर उसके परिजनों ने कानपुर में भर्ती कराया। जहां कराई गई जांच में उसे डेंगू बुखार होने की पुष्टि डाक्टरों ने की है।