जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव में भाजपा ने सपा के जबड़े से जीत छीन ली। भाजपा की निवेदिता सिंह ने कयासों को धता बताते हुए सपा की किरन देवी को 10 वोटों से शिकस्त दे दी।
चुनाव में दो मत अवैध पाए गए। उधर, चुनाव की शुुचिता को लेकर प्रशासन और पुलिस की चौकसी के चलते किसी तरह का विवाद नहीं हो सका।
जिला पंचायत में कुल 46 सदस्य हैं। अध्यक्ष पद के लिए सपा से किरन देवी यादव व भाजपा से निवेदिता सिंह को मैदान में उतारा था। मतदान को लेकर प्रशासन ने हर बिंदु पर खुद को तैयार कर रखा था। कलेक्ट्रेट परिसर और उसके आसपास के इलाके को भोर से ही छावनी में तब्दील कर दिया गया।
जगह-जगह बैरीकेडिंग व रोकटोक के बाद ही किसी को अंदर जाने दिया जा रहा था। सबसे पहला वोट सुबह 11 बजे सपा प्रत्याशी किरन देवी ने दिया। इसके बाद सवा 11 बजे भाजपा प्रत्याशी निवेदिता सिंह 17 लोगों के साथ सामूहिक रूप से वोट देने पहुंची।
यह जत्था खागा विधायक कृष्णा पासवान के आवास से एक साथ निकला, जबकि सपा को समर्थन करने वाले व सपाई सदस्य जत्थे की बजाय अलग-अलग वोट देने पहुंचे।
जिले के अहम चुनाव के लिए मतदाता डीडीसी मेंबरों के एक के बाद एक के आने के जारी क्रम के कारण दोपहर 11 बजे से शुरू मतदान प्रक्रिया दोपहर दो बजे से पहले खत्म हो गई। दोपहर तीन बजे के बाद मतगणना शुरू हुई।
इसका परिणाम घंटे बाद सामने आया। इसमें निवेदिता सिंह के पक्ष में 27 सदस्यों ने वोट किया। सपा प्रत्याशी किरन देवी को 17 मतों से संतोष करना पड़ा, जबकि दो मत अवैध पाए गए। जिले के पर्यवेक्षक केके चौधरी ने परिणाम की घोषणा कर निवेदिता को विजयी घोषित किया।