फतेहपुर जिले में संचालित छह मॉडल राजकीय इंटर कालेजों में 114 के सापेक्ष सिर्फ नौ शिक्षक कार्यरत हैं। दो इंटर कालेज तो शिक्षक विहीन हैं। माध्यमिक शिक्षा विभाग इन दोनों में दूसरे स्कूलों के एक-एक शिक्षक संबद्ध कर कालेज संचालन करा रहा है। फिलहाल तो इनमें पढ़ने वाले 1546 छात्र-छात्राओं का भविष्य चौपट हो रहा है।
जिले में पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज अलादातपुर, बहुआ, लतीफपुर, ऐलई, दनियालपुर, अंबिलिहापाल में संचालित हैं। अंबिलिहापाल दो साल से चल रहा है, जबकि अन्य पांच का संचालन तीन साल से हो रहा है। कक्षा छह से 12वीं तक विज्ञान वर्ग की कक्षाएं चलाने वाली यह शिक्षण संस्थाएं बदहाल हैं। प्रत्येक इंटर कालेज में 10 एलटी ग्रेड और नौ प्रवक्ता के पद सृजित हैं।
इनके अलावा दो लिपिक और पांच चपरासियों की नियुक्ति का प्रावधान है, लेकिन वर्तमान में पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय माडल इंटर कालेज अलादातपुर और अमिलिहापाल शिक्षक विहीन हैं। डीआईओएस ने इन दोनों कालेजों में राजकीय उच्चतर माध्यमिक स्कूलों के एक-एक शिक्षक संबद्ध कर रखा है।
कालेजों में सात कक्षाओं में एक साथ पढ़ाने के लिए कम से कम सात शिक्षक होना आवश्यक है, लेकिन इनमें एक या दो शिक्षकों की ही व्यवस्था है। पिछले सत्र में देखने के लिए ही यह कालेज खोले जाते रहे हैं। यहां पर छात्र-छात्राएं सिर्फ उपस्थिति दर्ज कराकर घर चले जाते रहे हैं। इस बार 15 अक्तूबर से कालेज खुलने जा रहे हैं। लेकिन छात्र-छात्राओं को वही पुरानी व्यवस्था में पढ़ाई करने को मजबूर होंगे।
डीआईओएस महेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि राजकीय विद्यालयों में शिक्षकों की निहायत की कमी है। इसकी जानकारी शासन तक है। शिक्षकों की नियुक्ति के लिए बराबर शासन में लिखा पढ़ी की जा रही है। इस बार कुछ नए शिक्षक मिले हैं, जो नियुक्त कालेज में काम कर रहे हैं। पिछले सत्र में शिक्षकों की और अधिक कमी थी।