फतेहपुर। जिले में गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हुए 16 दिन बीत चुके हैं, पर अब तक 19 क्रय केंद्रों में गेहूं खरीद की बोहनी तक नहीं हुई है। थरियांव स्थित क्रय केंद्र में शनिवार को पहली बार 54.50 क्विंटल गेहूं खरीदा गया। वहीं, आढ़तियों के यहां किसान बड़ी मात्रा में गेहूं बेचने के लिए पहुंच रहे हैं। जिले में न्यूनतम समर्थन मूल्य 2015 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की सरकारी खरीद के लिए 56 क्रय केंद्र खोले गए हैं। इनमें हाट शाखा के 21, पीसीएफ के 29, यूपीएसएस के चार, भारतीय खाद्य निगम के तीन क्रय केंद्र हैं। एक अप्रैल से गेहूं की खरीद के लिए क्रय केंद्र तैयार हैं, लेकिन 16 दिन बीतने बाद भी सभी क्रय केंद्रों पर गेहूं नहीं पहुंचा है।
हाट शाखा के मंडी समिति, बिंदकी मंडी, खागा मंडी, जहानाबाद मंडी के अलावा ब्लाक स्तर पर क्रय केंद्र संचालित हैं। पीसीएफ के 29 क्रय केंद्र सहकारी समितियों में संचालित हैं। यूपीएसएस के क्रय केंद्र ग्रामीण क्षेत्र में खोले गए हैं। एक अप्रैल से शुरू हुई खरीद में अब तक जिन क्रय केंद्रों ने गेहूं की खरीद की है। वह बोहनी मात्र है।
जिले के 37 क्रय केंद्रों में मात्र 450 मीट्रिक टन ही गेहूं खरीदा गया है। केंद्र प्रभारी इस बार फोन पर किसानों से संपर्क कर रहे हैं और उन्हें क्रय केंद्र पर गेहूं लेकर आने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इसके बाद भी किसान क्रय केंद्रों पर नहीं आ रहे हैं। वहीं, कुछ किसानों का कहना है कि क्रय केंद्र में गेहूं का रेट 2015 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि आढ़त में 2050 रुपये से अधिक में गेहूं की तौल कराई जाती है। किसानों को नकद भुगतान भी कर दिया जा रहा है।
डिप्टी आरएमओ अविनाश झा ने बताया कि गेहूं खरीदने वाली संस्थाओं के जिला प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि किसानों से संपर्क करके तौल शुरू कराएं। ज्यादा से ज्यादा गेहूं की खरीद करें, ताकि शासन से मिले लक्ष्य को पूरा किया जा सके।