पाली क्लीनिक के बाहर हंगामा करते परिजन।
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फतेहपुर। सदर कोतवाली क्षेत्र के खलीलनगर में संचालित अपूर्वा पाली क्लीनिक में नवजात की मौत हो गई और जच्चा की हालत बिगड़ गई। इस पर महिला के परिजनों ने हंगामा किया।
दरअसल, जिला अस्पताल में भर्ती जच्चा को एक आशा कार्यकर्ता के समझाने-बुझाने पर पति ने प्रसव के लिए अपूर्वा क्लीनिक में भर्ती कराया था। एसीएमओ डॉ इश्तियाक अहमद ने क्लीनिक सील कर दिया है।
शहर के खलीलनगर में जिला महिला अस्पताल से सेवानिवृत्त जेएनएम अशोक कुमारी अपूर्वा पाली क्लीनिक का संचालन करती है। राधानगर निवासी अनुज साहू ने पत्नी पूजा को प्रसव के लिए सोमवार शाम जिला अस्पताल में भर्ती किया। उनके साथ एक आशा कार्यकर्ता भी थी। आशा कार्यकर्ता के समझाने पर अनुज ने सोमवार रात 10:30 बजे पत्नी को अपूर्वा पाली क्लीनिक में भर्ती कराया। पति का आरोप है कि यहां पर प्रसव के लिए 3500 रुपये भी जमा कराए गए।
क्लीनिक संचालक अशोक कुमारी ने मंगलवार सुबह जबरिया प्रसव कराने की कोशिश की। इससे बच्चे की मौत हो गई। वहीं पत्नी की भी हालत गंभीर है। बच्चे की मौत की सूचना पर परिजन हंगामा करने लगे। सूचना पर पहुंची आबूनगर पुलिस ने पीड़ित से तहरीर लेकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
उधर, सूचना पर मौके पर पहुंचे अपर सीएमओ डॉ. इश्तियाक अहमद ने पाली क्लीनिक सील कर दिया है। बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद दोषी पाए जाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।