फतेहपुर। दो साल के बच्चे को अगवा कर हत्या करने के मामले में कोर्ट ने मंगलवार को पड़ोसी युवक को दोषी करार दिया। अपर सत्र न्यायालय/फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या द्वितीय के पीठासीन अधिकारी अजय सिंह प्रथम ने दोषी को उम्रकैद और 60 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। शादी कार्यक्रम के दौरान गाली गलौज के विवाद की खुन्नस में बच्चे की हत्या की गई थी।
बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के नंदौली गांव निवासी किसान लाल सिंह का पुत्र मनीष उर्फ अल्लू (2) अपने चार साल के भाई आशीष के साथ 24 अगस्त 2017 को घर के बाहर खेल रहा था। अचानक मनीष लापता हो गया। परिवार पूरे दिन खोजबीन करता रहा। मनीष के चाचा नयन सिंह ने खेत की ओर गांव के अभिषेक लोधी को एक बोरी लेकर जाते देखा। संदिग्धता के आधार पर पीछा किया। गन्ने के खेत में अभिषेक बोरी छिपाकर भाग निकला था। ग्रामीणों की खोजबीन में बोरे से मनीष का शव मिला था। पिता लाल सिंह ने दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया कि पड़ोसी सत्यनारायण की पुत्री का तैल पूजन कार्यक्रम सात मई 2017 को दरवाजे पर हो रहा था। गांव की महिलाएं मौजूद थीं। जहां अभिषेक लोधी शराब के नशे में पहुंचा और गाली गलौज करने लगा था। लाल सिंह ने मना किया था। अभिषेक ने उनसे भी गाली गलौज की थी। विवाद बढ़ने पर ग्रामीणों ने बीच-बचाव किया था। उसी समय अभिषेक परिवार की हत्या की धमकी देकर गया था। विवाद की खुन्नस में बच्चे को अगवा कर ले गया था। पहले गला दबाया। जीवित होने की आशंका पर नायलॉन की रस्सी से गला कस दिया था। कोर्ट में सात गवाह पेश हुए थे। कोर्ट ने मंगलवार को मामले की अंतिम सुनवाई के बाद फैसला सुनाई। कोर्ट ने दोषी को हत्या में आजीवन कारावास और 50 हजार अर्थदंड, शव छिपाने में पांच साल की कैद व 10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।