फतेहपुर। प्रदेश के कई जिलों के किसानों से करोड़ों रुपये ठगने के आरोप में तीन साल से फरार एनसीपी दिल्ली इकाई प्रदेश अध्यक्ष शिव प्रताप सिंह पवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसे कोतवाली के सनगांव मोड़ पर गिरफ्तार करने का दावा किया है। इसके खिलाफ कौशांबी, रायबरेली, सीतापुर, फैजाबाद में भी ठगी की रिपोर्ट दर्ज होने का खुलासा हुआ है। पुलिस ने कुर्की के बावजूद हाजिर न होने पर इसके ऊपर 500 रुपये का इनाम घोषित कर दिया था।
बता दें कि आवास विकास कालोनी निवासी विक्रम सिंह समेत 13 लोगों ने कोर्ट में शिव प्रताप सिंह पवार की शिकायत की थी। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने ठगी की रिपोर्ट दर्ज की थी। इसके बाद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। कोर्ट में शिकायतकर्ता लगातार पैरवी करते रहे। कोर्ट की सख्ती बढ़ने पर वर्ष 2014 में कुर्की की कार्रवाई हुई। इसके बावजूद शिव प्रताप सिंह ने आत्मसमर्पण नहीं किया और न ही गिरफ्तार हुआ।
एसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि इनामियों की खोज का अभियान चलाया गया है। आरोपी शिव प्रताप के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई हो चुकी है। इसके बावजूद फरार चल रहा था। तभी उस पर इनाम घोषित किया गया। हाईवे के सनगांव मोड़ पर मंगलवार को आबूनगर चौकी इंचार्ज सनुज यादव को आरोपी के होने की खबर मिली। तभी उसे घेराबंदी कर गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
आरोपी मूलरूप से थरियांव थाना क्षेत्र के मंडासराय गांव का रहने वाला है। वह शरद पवार की एनसीपी का दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष बताता है, उसका दिल्ली में कार्यालय भी है। वह ठगी के दौरान खुद को एनसीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का बेटा बताकर लोगों को झांसे में लेता था। पार्टी से फतेहपुर लोकसभा चुनाव 2012 में प्रत्याशी भी रहा है। आरोपी जिले में 2010-11 में आया था।
आरोप है कि उसने कृषि सेवा समिति के नाम पर बेरोजगारों को रोजगार देने का झांसा दिया था। समिति के नाम के खाद, बीज भंडार गृह खुलवाए थे। किसानों से एडवांस सिक्योरिटी 50-50 हजार रुपये वसूले थे।
इसके बाद माल देने के नाम पर वसूली की। इसी तरह जिले में एजेंट सक्रि य किए। चेन सिस्टम से सैकड़ों किसान और युवक रोजगार के लालच में फंसे। जिले से एक करोड़ की अनुमानित रकम ठग ले जाने के बाद फरार हो गया था।
लखनऊ से डील करता था सारे जिले
पुलिस ने बताया कि आरोपी शिव प्रताप सिंह पवार कई जिलों को लोगों ठगने की नीयत से प्रदेश में आया था। वह खुद लखनऊ के गोमती नगर में आलीशॉन बंगले में रहता था। वहीं से सभी जिलों में बनाए प्रतिनिधियों से संपर्क करता था। यह अक्सर दिल्ली में बने कार्यालय में ही उपलब्ध रहता था, वहां उसके ठाठ थे। यह कई लग्जरी वाहन से चलता था।
आरोपी के फरार होने पर हुआ था हंगामा
तीन साल पहले थरियांव मंडासराय, बिंदकी, जहानाबाद, हुसैनगंज समेत कई ग्रामीणांचलों के ग्रामीणों ने आरोपी शिव प्रताप के खिलाफ कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया था। उस समय प्रदर्शनकारियों को पुलिस प्रशासन ने टरका दिया था। यहां मामला तूल पकड़ते ही लखनऊ से आरोपी भाग निकला था। इन दिनों दिल्ली में ऐश की जिंदगी गुजार रहा था।