डीसीएम चालक की हत्या कर मोबिल ऑयल लदा डीसीएम लूटने के मामले में स्वॉट टीम ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एक आरोपी फरार है। आरोपियों में चार कानपुर के हैं। एक पड़ोसी गांव का डीसीएम चालक है। वारदात का मुख्य सूत्रधार पुलिस ने पड़ोसी गांव के चालक को मान रही है। पुलिस अधीक्षक प्रशांत वर्मा ने रात को घटना का खुलासा किया। स्वॉट और सर्विलांस टीम को 25 हजार का पुरस्कार दिया है।
11 नवंबर की सुबह करीब पांच बजे बिंदकी-बांदा बाईपास जनता गांव के बाहर सिर कटा शव बरामद हुआ था। शव कल्यानपुर थाने के बड़ौरी निवासी रामआसरे साहू (50) का था। रामआसरे कानपुर चकेरी से डीसीएम में 20 लाख का मोबिल ऑयल लादकर 10 नवंबर को गोरखपुर को निकला था। रास्ते से ही चालक की हत्या कर दी गई थी।
मामले में गोविंद गुगौली पुत्र जयपाल निवासी परिहारन डेरा थाना कल्यानपुर फतेहपुर, दुर्गा सिंह पुत्र रमेश निवासी गोहलपुर थाना रूरा कानपुर देहात, अमित कुमार पुत्र रामकरन निवासी कमालपुर थाना रूरा कानपुर देहात, अर्जुन पुत्र हीरा निवासी कमालपुर रूरा कानपुर देहात और सोनू पुत्र सतपाल निवासी सीहोर थाना रसूलाबाद कानपुर देहात को गिरफ्तार किया है। वारदात का सूत्रधार चालक रामआसरे के पड़ोसी गांव का गोविंद निकला है।
एसपी प्रशांत वर्मा ने बताया कि गोविंद छह माह पहले रामआसरे के साथ ही डीसीएम में सहायक चालक था। पड़ोसी गांव के होने के कारण एक दूसरे से अच्छी तरह से परिचित थे। यह सभी लोग कानपुर के समीर सिंह ट्रांसपोर्ट की डीसीएम भी चलाते थे। एक माह पहले गोविंद गुगौली ने चालक दुर्गा और पनकी के डीसीएम मालिक टोनी के साथ अच्छा भाड़ा लदा होने पर लूटकांड को अंजाम देनी की योजना बनाई। गोविंद ने अधेड़ उम्र के चालक रामआसरे को आसानी से निशाना बनाने के लिए चुना।
10 नवंबर की शाम गोविंद ने रामआसरे को फोन किया तो चालक ने मोबिल लादकर गोरखपुर जाने की बात गोविंद को बताई। गोविंद को सही मौका मिला। वह चालक को शराब पिलाने का झांसा देकर उन्नाव पहुंच गया। रामआसरे और गोविंद ने शराब पी। थोड़ी देर में अन्य चालक दुर्गा और टोनी पहुंच गए। रामआसरे के पैग में नशीली दवाएं मिला दीं। बेहोश होने पर रामआसरे को गोविंद और उसके साथियों ने केबिन की सीट पर सुला दिया। गोविंद डीसीएम लेकर चंद्रिका मंदिर के रास्ते अपने गांव पहुंचा। यहां बाइक से टोनी और दुर्गा पहुंचे। नशे में गोविंद घर से फावड़ा लेकर आया। इसके बाद बिंदकी बाईपास पर चालक रामआसरे की बेरहमी से गला काटकर हत्या की और भाग निकले।
डीसीएम का माल कानपुर के झींझक स्थित एक हाते में उतारा। डीसीएम औरैया जिले के सिकंदरा के पास लावारिस हालत में छोड़कर भाग निकले। इसके बाद अर्जुन, अमित और सोनू लूटे माल को बेचने में जुटे थे। पुलिस ने सटीक लोकेशन पर सभी आरोपियों को पकड़ लिया। पुरानी घटनाओं की पूछताछ के लिए बिंदकी कोतवाली कई थानों की टीमें पहुंची हैं। एसपी ने बताया कि कोतवाली सत्येंद्र सिंह, स्वॉट प्रभारी विनोद मिश्रा, सर्विलांस प्रभारी सुनील कुमार यादव, अतुल त्रिपाठी, इंद्रजीत यादव, विपिन मिश्रा, राजेश सिंह, रवि की टीम को 25 हजार का इनाम दिया गया है।
जांच भटकाने के लिए की थी निर्मम हत्या
वारदात के खुलासे में इतनी बेरहमी से हत्या के बारे में गोविंद से पुलिस ने पूछताछ की। हत्याकांड के पीछे कई वजहों को पुलिस खंगाल रही थी। गोविंद ने कबूला कि बेरहमी से हत्या पुलिस की जांच भटकाने के लिए किया गया था। पुलिस का दिमाग लूट की ओर से हटाने के लिए ऐसा किया था। डीसीएम का नंबर भी लूट के बाद बदला गया था।
फोटो- 27- बिंदकी कोतवाली में घटना का खुलासा करते एसपी प्रशांत वर्मा।