हसवा। थरियांव थाना क्षेत्र में हत्या के दूसरे आरोपी चंद्रशेखर उर्फ लाला को पुलिस ने मंगलवार रात गांव केशवपुर में मुठभेड़ में गिरफ्तार किया है। उसके दाएं पैर में गोली लगी है। पुलिस हत्या के मुख्य आरोपी राजू पासवान को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। दोनों आरोपी पिता-पुत्र को जेल भेजे गया है।
बिलंदा के बालाजी मंदिर के कृष्ण गोविंद तिवारी मुख्य पुजारी व उनके सहयोगी अवधेश प्रजापति सेवादार थे। मंगलवार सुबह मंदिर के बरामदे में सोते समय पुजारी व सहयोगी अवधेश प्रजापति पर आरोपी राजू पासवान और पुत्र चंद्रशेखर ने ईंट से सिर में कई प्रहार किए थे। मुख्य पुजारी की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि गंभीर रूप से घायल अवधेश प्रजापति की लखनऊ में किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में मौत हो गई थी। घायल अवधेश ने मौके पर हमलावरों की जानकारी दी थी। पुलिस ने घटना के कुछ घंटे बाद ही राजू पासवान को गांव के समीप गिरफ्तार किया था। दूसरे आरोपी की तलाश थी। मंगलवार रात को गांव केशवपुर के मुख्य मार्ग पर चंद्रशेखर से मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी फायरिंग में चंद्रशेखर के दाहिने पैर में गोली लगी। उस हसवा अस्पताल से सदर अस्पताल के लिए रेफर किया। उपचार के बाद न्यायालय के आदेश पर जेल भेजा गया है। एसपी अनूप सिंह ने तत्काल खुलासे पर थरियांव एसओ आलोक पांडेय व एसओजी टीम को 15 हजार रुपये से पुरस्कृत किया है।