फतेहपुर। परिवहन निगम के बस अड्डा का एमएसटी कार्यालय एक पखवारा से बंद है। इससे यात्री अपने एमएसटी व स्मार्ट कार्ड का रिचार्ज नहीं करा पा रहे हैं। कार्ड की वैधता व बैलेंस खत्म होने से यात्रियों को टिकट खरीद का सफर करना पड़ रहा है। इससे यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है।
फतेहपुर डिपो से करीब पांच सौ यात्रियों की एमएसटी बनी है। परिवहन निगम की बसों से यात्री कानपुर, इलाहाबाद, रायबरेली, लखनऊ, बांदा और चित्रकूट मार्ग पर सफर करते हैं। पिछले एक महीने से यात्रियों की नई एमएसटी नहीं बनाई गई। जिन यात्रियों की एमएसटी बनी है। उनका 15 दिन से रिचार्ज नहीं हुआ। बस अड्डा परिसर का एमएसटी कार्यालय 15 दिन से बंद है। करीब 50 फीसदी यात्रियों के एमएसटी की वैधता खत्म हो गई है। यात्री अपनी एमएसटी वैधता बढ़वाने के लिए बस अड्डा परिसर के चक्कर लगा रहे हैं।
बता दें कि निगम से परिवहन निगम की एमएसटी बनाने के लिए ट्राइमेक्स कार्मिको को अधिकृत किया है। एक पखवारा पहले पांच लाख 82 हजार 596 रुपये एमएसटी में गबन का मामला उजागर हुआ है। इसमें निवर्तमान एआरएम ओपी ओझा ने एमएसटी कार्यालय प्रभारी प्रेमशंकर साहू के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। निगम की ओर से एआरएम को भी ड्यूटी में लापरवाही करने के आरोप में निलंबित कर दिया है।
अधिकारियों व कर्मचारियों के लापरवाही का खामियाजा यात्रियों की भुगतना पड़ रहा है। रोज सफर करने वाले यात्री टिकट लेकर यात्रा करने को मजबूर हैं। रोडवेज बस अड्डा इंचार्ज ओपी सोनकर ने बताया कि एमएसटी कार्यालय बंद होने की सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। अभी तक कोई आदेश नहीं आया है। एमएसटी बनाने के लिए कंप्यूटर आपरेटर की तैनाती होने के बाद ही व्यवस्था दुरुस्त होगी।