फतेहपुर। नगर पालिका की विकास योजनाएं प्रभावित हो गई हैं। एमआरएफ सेंटर बंद होने से कूड़ा निस्तारण नहीं हो रहा। कूड़ा सड़क के फुटपाथ और आबादी के बाहर खाली प्लाटों में फेंका जा रहा है। कूड़ा सड़ने से संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा पैदा हो गया है।
नगर पालिका में अवर अभियंता का पद छह महीने से खाली है। दो सप्ताह पहले ईओ का भी तबादला हो गया है। सहायक अभियंता निर्माण जगदीश प्रसाद का भी तबादला हो चुका है। ऐसे में नगर पालिका अधिकारी विहीन हो चुकी है। स्थिति यह है कि पुराना एमआरएफ सेंटर नाम के लिए संचालित है। इसके अलावा तीन नवनिर्मित एमआरएफ अभी चालू ही नहीं हुए हैं। ऐसे में नगर पालिका का कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था नहीं है। यही कारण है कि नगर पालिका शहर के प्रतिदिन निकलने वाली करीब 55 टन कूड़ा सड़क फुटपाथ और खाली प्लाटों में फेंक रही है। बारिश में कूड़े की सड़ांध होने से संक्रामक बीमारियों का खतरा हो गया है।
सड़कों की स्थिति भी दयनीय हो चुकी है।
एक एमआरएफ सेंटर चालू हालत में है। अन्य एमआरएफ में मशीनें लगना शेष हैं। सड़कों और आबादी के किनारे कूड़ा डंप करना प्रतिबंधित है। सड़कों की मरम्मत बारिश बाद कराई जाएंगी। इस दौरान तक नगर पालिका में अधिकारी भी आ जाएंगे।
जगदीश प्रसाद, कार्यवाहक ईओ
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