शहरी क्षेत्र का भूगर्भ जलस्तर दिनोंदिन घट रहा है। ऐसे में नगर पालिका ने अब अपने नलकूपों की गहराई बढ़ाने का फैसला लिया है। पहले जो मोटर 100 से 120 फिट में डाली जाती थी, अब वह कम से कम 150 फिट पर लोड की जाएगी। इतना जरूर होगा कि जो पानी छह इंच के पाइप से निकलता था वह अब पांच इंच के पाइप से निकलेगा। माना जा रहा है कि इस नई व्यवस्था से शहरियों को फायदा होगा।
शहर की दो लाख आबादी को पानी देने के लिए 47 नलकूप लगे हैं। इन सभी की क्षमता छह इंच पाइप की है। इन सभी में लगी मोटरें सौ से 120 फिट ऊंचाई तक पानी खींच सकती हैं। इस समय जलस्तर 120 फीट नीचे खिसक चुका है। अभी मई व जून के महीने बचे हैं। इन महीनों में जलस्तर और नीचे चला जाता है। इन स्थितियों से निपटने की तैयारी नगर पालिका ने कवायद शुरू की है। सभी नलकूपों में छह इंची पाइप अधिकतम 120 फीट तक लगाए जा सकते हैं। इससे आगे यह पाइप लगाना मानक के विपरीत है।
भीषण गर्मी और घटते जलस्तर के चलते नगर पालिका अफसरों ने नलकूपों में अधिक क्षमता की मोटरें लगाने के साथ पांच इंच के पाइप डालने का निर्णय लिया है। पांच इंच के पाइप को 150 फीट नीचे तक लोड किया जा सकता है। जलकल विभाग अधिक क्षमता के 10 मोटर पंपों के साथ पांच इंची पाइप खरीदने का प्रस्ताव तैयार कर रहा है। इसके लिए जल्द ही टेंडर डाले जाएंगे। यह प्रयोग फिलहाल बंद या फिर बंद होने के कगार पर पहुंचे आधा दर्जन नलकूपों में किया जाना है।
अगर प्रयोग सफल रहा, तो चालू गर्मी के मौसम में शहरवासियों को पेयजल संकट से निजात मिल जाएगी। शहर के आधा दर्जन मोहल्लों में पेयजल का संकट है। तांबेश्वर मोहल्ला, जयरामनगर, रामगंज पक्का तालाब, चौधराना, सरायं, लाला बाजार मोहल्लों में नगर पालिका को अभी से टैंकरों के माध्यम से पानी भेजना पड़ रहा है। इन मोहल्लों में सुबह शाम दोनों पालियों में नगर पालिका पानी भेज रहा है।
नगर पालिका के कार्यालय अधीक्षक लालमणि त्रिपाठी कहते हैं कि चालू महीने के अंत तक जलापूर्ति का रोस्टर लागू कर दिया जाएगा। सुबह शाम सिर्फ दो-दो घंटे पानी की सप्लाई होगी। रोस्टर शुरू करने के लिए सभी 12 पानी की टंकियों में पानी भरने की तैयारी की जा रही है। अब तक 10 टंकियां लोड हो रही हैं। दो टंकियों में भी जल्द ही सप्लाई शुरू की जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई के नलकूपों में लगे मोटरपंपों की क्षमता 33 मीटर गहराई से पानी खींचने की है। इससे अधिक गहराई से पानी उठाने में मोटर में लोड बढ़ता है और मोटर फुंकने लगती है। -एके सिंह, अधिशासी अभियंता राजकीय नलकूप खंड
प्रकृति के आगे किसी का जोर नहीं चलता है। घटता जलस्तर रिचार्जिंग से ही रोका जा सकता है, लेकिन जब तक बरसात नहीं होगी, तब तक रिचार्जिंग भी नहीं होगी। ऐसी हालत में इसका फिलहाल कोई विकल्प नहीं दिखाई पड़ रहा है।-पीसी यादव, अधिशासी अभियंता जलनिगम