मां के भक्तों को रहती रतजगे की चिंता आदि गीतों की
झड़ी लगाकर जन सैलाब को झूमने के लिए बनारस से आई गायिका रानी मिश्रा ने
मजबूर कर दिया। आकर्षक मंचन देख दर्शक भाव विभोर हो गए।
गायत्री मंदिर
परिसर में चल रहे मां दुर्गा पूजा महोत्सव के पांचवें दिन दुर्गा कमेटी के
तत्वावधान में रतजगे में रानी मिश्रा ने कुछ यूं सुनाया कि- व्यापारियों को
बस यहां व्यापार की चिंता, लालू को खाये जाती है, बिहार की चिंता।
छोटे
बड़े नेताओं को सरकार की चिंता, भक्तों को रहती है मां के दरबार में रतजगे
की चिंता। लखनऊ से आई मंजू शर्मा ने सुनाया कि- छोड़कर मंझधार अब सहारा
पाएंगे। बेसहारा पंगु सब, मां से सहारा पाएंगे।
गायक बसंत ने कहा कि
-विपदाओं की आंधी से मन मेरा डर जाता है। सुख चैन मिलता दुख से जीवन भर
जाता है। मुकुल पांडेय ने मां बाप की राहोें में अफसाने नहीं रखना। खून का
रिश्ता है, नाजों से संभाला है।
शुभारंभ आस्था ग्रुप के मुकुल गुप्ता ने
गणेश पूजन, ज्योति वंदना के साथ किया। कार्यक्रम में कमेटी के रबी ओमर,
उमेश त्रिवेदी, अनिल ओमर, अवधेश तिवारी, दयाशंकर, बीडी सिंह, सुरेंद्र
यादव, राजाराम, मुकेश ओमर, अखिलेश, दीपक, करन तिवारी आदि रहे।