आसमान से बरसती आग हर किसी को झुलसा रही है। गर्मी के मौसम में भगवान भास्कर आंखे तरेर रहे हैं वहीं चिलचिलाती धूप में मनुष्य के साथ पशु पक्षी भी बेहाल हैं। विद्यालय से लौटकर आने वाले नन्हे मुन्नों का लाल चेहरा देखकर मां का मन भी व्याकुल हो जाता है।
इन दिनों पड़ रही जबरदस्त गर्मी से सभी का हाल बेहाल है। उस पर बिजली की अधाधुंध कटौती ने लोगों की रात की नींद और दिन का चैन छिन लिया है। सबसे ज्यादा दिक्कत रात्रि में होने वाली बिजली की आंख मिचौनी से हो रही है। सोमवार को सुबह नौ बजे से ही तेज धूप ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया। लोगों ने भी अपने अपने काम सुबह ही निपटाना बेहतर समझा। दोपहर में चिलचिलाती धूप में सड़कों में सन्नाटा सा पसरा रहा। इक्का दुका लोग मुह में कपड़ा लपेट कर आते जाते दिखाई पड़े। शहर के चौक, पत्थरकटा चौराहा, वर्मा चौराहा, पटेलनगर, शादीपुर व रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड के आसपास लोग शीतल पेय पदार्थ पीकर गर्मी से राहत महसूस करते रहे। सबसे ज्यादा धूप में नन्हे मुन्ने बच्चों की हालत खराब रही। सोमवार को अधिकतम पारा 42 डिग्री रिकार्ड किया गया जबकि न्यूनतम 21 डिग्री रहा। गर्मी का आलम यह रहा कि पंखे की हवा लू की तरह लग रही है। कूलर भी गर्मी के आगे बेअसर लग रहे हैं। जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों का गर्मी में हाल बेहाल रहा।