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‘बुद्ध पूर्णिमा बौद्ध अनुयायियों का सबसे बड़ा त्योहार’

Tue, 05 May 2015 12:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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बुद्ध पूर्णिमा पर बौद्ध अनुयायियों ने विधि विधान से पूजा अर्चना करके भगवान बुद्ध की प्रतिमा पर फूल मालाएं चढ़ाई। कार्यक्रमों ने वक्ताओं ने बुद्ध की जीवन प्रकाश डाला गया। इस मौके पर बिना भेदभाव के भाईचारा बनाकर एक साथ जीवन बिताने का आह्वान किया गया।
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कलेक्ट्रेट के बुद्धा पार्क में डा. भीमराव अंबेडकर मिशन भारत के रमेश बौद्ध ने कहा कि बौद्ध धर्म लोगों के लिए बैसाख की बुद्ध पूर्णिमा सबसे बड़ा त्योहार है। भगवान गौतम बुद्ध को विष्णु का नौवां अवतार माना जाता है। गौतम बुद्ध ने जातपात, ऊंच नीच से हटकर आपस में भाईचारा बनाए रखने का उपदेश दिया है। मनुष्यों को जीवों से प्रेम करना चाहिए। बुद्ध पूर्णिमा के दिन विधि विधान से पूजा अर्चना की जाती है। घरों को सजाया जाता है, पूरे घर में दीपक से रोशनी की जाती है। इस मौके पर अतुल कुमार, मृत्युंजय सिंह, वर्षा सिंह, श्रीमती देवी, गया प्रसाद, प्रदीप कुमार, प्रखर गौतम, चंद्र प्रकाश, मदन चंद, शिवप्रसाद, सिद्धार्थ गौतम, शकुंतला, रवि गौतम आदि रहे। वहीं इंटर नेशनल बौद्ध महासभा के पदाधिकारियों की मुराइन टोला की पानी टंकी के पास गोष्ठी हुई, जिसमें गौतम बुद्ध के विचारों पर चर्चा की गई। गोष्ठी में बीएल मौर्या ने कहा कि बैशाल पूर्णिमा के दिन सिद्धार्थ गौतम को ज्ञान प्राप्त हुआ और वह बुद्ध बने। गोष्ठी में मन्नीलाल यादव, राजेश साहू, डीएन तिवारी, रामप्रकाश प्रजापति, आरबी सिंह, सुमेर सिंह, शकुंतला बौद्ध, आरपी मौर्या आदि रहे। इसी प्रकार डा. भीमराव अंबेडकर विद्यालय में गोरे लाल सोनी की अध्यक्षता में बुद्ध जयंती मनाई गई, जिसमें राजाराम मौर्य, देवनरायण, राजकुमार सिंह, हरिपाल सिंह, राजेश मौर्या, अरुण कुमार, राजबहादुर, कृष्ण कुमार गुप्ता, रवींद्र सिंह आदि रहे।
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