फतेहपुर। खालसा मोबाइल शॉप में साढ़े 26 लाख की चोरी की तफ्तीश में पुलिस को एक चौंकाने वाली जानकारी पता चली है। इस बात को मोबाइल शॉप संचालक ने भी पुलिस से छिपाया। खालसा मोबाइल शॉप के कारोबार में एक दशक से कानपुर का एक शातिर अपराधी पार्टनर है। वह इन दिनों कानपुर की जेल में बंद है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के रेलवे स्टेशन रोड निवासी गोविंद सिंह ने करीब छह माह पहले वर्मा चौराहे पर मोबाइल शोरूम खोला था। हालांकि इनका करीब दो दशक पुराना कारोबार रेलवे स्टेशन रोड स्थित पुरानी दुकान में है। दुकान काफी चर्चित है। पुलिस की पड़ताल में कानपुर के अजीत सचान के इस शॉप
में पार्टनर होने की बात पता चली है। पुलिस ने गहराई से जांच की तो पता लगा कि दिसंबर 2011 में गोविंद सिंह और अजीत सचान की दोस्ती हुई थी। अजीत सचान की मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान पथरकटा चौराहे पर थी।
इसके बाद 20 दिसंबर 2011 को पार्टनरशिप में काम शुरू किया। तभी से गोविंद सिंह और अजीत के पार्टनरशिप में कारोबार चल रहा है। अजीत 2017 से हत्या के मामले में कानपुर जेल में निरुद्ध है।
अजीत का छोटा भाई अनुराग शहर के गढ़ीवा मोहल्ले में रहता है और कारोबार देखता है। अजीत सचान कानपुर के बिधनू थानाक्षेत्र के मझावन गांव निवासी है। कोतवाल सत्येंद्र सिंह ने बताया कि प्रकरण संज्ञान में आया है। घटना से जुड़े हर बिंदु पर जांच की जा रही है।
अजीत सचान कानपुर का मूल निवासी है। वह फतेहपुर शहर में रानी कॉलोनी और राधानगर गाजीपुर रोड पर पेट्रोल पंप के सामने अपने अड्डे बनाए है। अजीत 2017 में कानपुर के नौबस्ता में हुए रोहित
भदौरिया हत्याकांड में मुख्य आरोपी है। उसका एक साथी रवि सोनी उर्फ विक्की सोनी है। रवी जेल से भाग गया था। जिसे 17 मार्च 2021 को एसटीएफ कानपुर ने फतेहपुर से गिरफ्तार किया था। उस पर एक लाख का इनाम था। विक्की को अजीत सचान ने ही जेल से भगाया था और फतेहपुर में राधानगर से गाजीपुर रोड पर पेट्रोल पंप के सामने एक हाते में रोका था।