खखरेरू। धाता ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत रतनपुर के मजरे बरैयपुर में स्थित बीरन तालाब की खुदाई जेसीबी से कराए जाने पर मनरेगा मजदूरों और ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि तालाब की खुदाई जॉबकार्ड धारक मजदूरों से कराई जानी चाहिए ताकि उन्हें रोजगार भी मिल सके।
डीएम निधि गुप्ता वत्स ने बरसात से पहले जल संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में तालाबों के निर्माण एवं पुनर्जीवन का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी क्रम में बरैयपुर के बीरन तालाब की खुदाई का कार्य चल रहा है।
ग्रामीणों यासीन, रफीक, अकबर, रहूफ, याकूब, रियाज, रामनरेश, गुड्डू, पुरुषोत्तम, विनीत और विपिन ने मांग की है कि तालाबों की खुदाई मनरेगा मजदूरों से कराई जाए। इससे स्थानीय लोगों को काम मिल सके।
धाता के एपीओ आशीष शर्मा ने बताया कि बीरन तालाब का निर्माण मिशन-300 के तहत राज्य वित्त एवं अन्य वित्तीय मदों से कराया जा रहा है। प्रारंभिक खुदाई मशीनों से की जा रही है। आगे समतलीकरण और फिनिशिंग का कार्य मनरेगा मजदूरों से कराया जाएगा।