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लापता किसान का खेत से शव बरामद, हत्या का आरोप

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बकेवर। लापता होने के करीब 18 घंटे बाद किसान का शव उसके ही खेत में बरामद हुआ। परिवार ने पुरानी रंजिश के चलते गांव के ही एक पक्ष पर हत्या का आरोप लगाया है। खोजबीन के दौरान इन पक्षों के बीच गुरुवार रात मारपीट भी हुई थी। तुरंत रिपोर्ट दर्ज करने की मांग करते हुए परिजनों ने पुलिस को करीब चार घंटे तक शव नहीं उठाने दिया। आश्वासन देने के बाद पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज सकी।
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बकेवर थानाक्षेत्र के लाला बक्सरा गांव निवासी राजबहादुर यादव (53) का घर से करीब दो सौ मीटर दूरी पर खेत है। उनकी पत्नी रामादेवी ने बताया कि गुरुवार दोपहर करीब दो बजे पति घर से निकले थे। कई घंटे बीत जाने पर नहीं लौटे। देवर अनिल और अन्य लोग खोजबीन में जुटे थे। खोजबीन के दौरान ही गुरुवार रात गांव के नारेंद्र यादव पक्ष ने पुरानी खुन्नस के चलते देवर अनिल और अन्य परिजनों से मारपीट की। ग्रामीणों ने शुक्रवार सुबह करीब साढ़े दस बजे राजबहादुर का शव उसके ही आलू के खेत पर पड़ा देखा। परिजन मौके पर पहुंचे। इधर, पिता के गुम होने की खबर पर झांसी में तैनात सिपाही बेटा प्रदीप और उन्नाव में 108 एंबुलेंस चालक बड़ा बेटा बलराम भी गांव पहुंचे। वह पिता का शव देखकर बदहवास हो गए। बेटे प्रदीप ने पिता का शव उठाने से पुलिस को रोक दिया। हत्या का आरोप लगाकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की। प्रदीप ने बताया कि उसके पिता की गांव के एक पक्ष के लोगों ने पुरानी रंजिश के चलते अपहरण के बाद हत्या की है। घरवालों ने खेत में पिता की खोजबीन की थी, उस जगह पर पहले शव नहीं मिला था। औंग और जहानाबाद प्रभारी निरीक्षक फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। दोपहर करीब ढाई बजे एफआईआर का आश्वासन देकर शव को पोस्टमार्टम हाउस भेजा गया। थानाध्यक्ष नीरज यादव ने बताया कि शरीर पर कोई जाहिरा चोट नहीं है। घटनास्थल पर उल्टी होना स्पष्ट हुआ है। हार्ट अटैक और ठंड लगने से मौत भी हो सकती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
इनसेट
गालीगलौज करने पर हुई थी मारपीट
लाला बक्सरा गांव के राजबहादुर यादव और नारेंद्र पक्ष के बीच अक्सर विवाद होता रहा है। मामूली बातों को लेकर पक्षों के लोग एक दूसरे पर मारपीट के लिए अमादा होते रहे हैं। राजबहादुर की खोज उसका भाई अनिल व अन्य लोग गुरुवार को कर रहे थे। तभी नारेंद्र यादव ने गांव में रात के समय घूमने पर गालीगलौज की थी। दोनों पक्षों के बीच मारपीट भी हुई थी। एक पक्ष से अनिल की तहरीर पर पुलिस ने नारेंद्र, रवि, सत्येंद्र, सुमित और शिव सिंह प्रधान (देवपुरा थाना साढ़ कानपुर नगर) के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। मारपीट में अनिल और उसका ससुर कल्लू घायल हुए। दूसरे पक्ष के नारेंद्र की ओर से अनिल, कल्लू, आनंद, मलखान के खिलाफ मारपीट की रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस ने नारेंद्र को थाने में बैठा लिया था। अनिल पक्ष के मलखान की गांव में मौजूदगी नहीं होने का भी पुलिस को पता चला है।
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तीसरा बेटा नेवी में तैनात
मृतक राजबहादुर यादव का तीसरा बेटा अनुज नेवी में तैनात है। उसकी पोस्टिंग केरल के कोच्चि में है। तीनों बेटे नौकरी पर हैं। इसी वजह से उनका गांव कम ही आना-जाना रहता है। सिपाही बेटे प्रदीप ने बताया कि उनके परिवार में लगातार हादसे हो रहे हैं। दस साल पहले पिता के बड़े भाई किशन की मौत हुई थी। पुलिस ने एक्सीडेंट में मौत माना था। उसके बाद कानपुर में एक साल पहले पिता के भाई राजकुमार उर्फ इंदल की कानपुर में एक्सीडेंट में मौत हुई थी। दुश्मनी के चलते ही इन लोगों का एक्सीडेंट कराया गया था, कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। अब पिता को मारा गया है। परिवारों के बीच करीब 10-12 साल से एक महिला को लेकर विवाद चला आ रहा है।
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