अपनों से वादाखिलाफी माननीय को भारी पड़ गई। शनिवार को जिला योजना की बैठक शुरू होते ही कुछ सदस्यों ने हंगामा करते हुए सूबे के समाज कल्याण व जिले के प्रभारी मंत्री अवधेश प्रसाद को आड़े हाथों लिया। पिछली बैठक में नए हैंडपंप दिए जाने के आश्वासन के बाद भी हैंडपंप न मिलने पर गुस्साए सदस्य बैठक का बहिष्कार कर बाहर चले गए।
हालांकि जिला पंचायत अध्यक्ष और जिलाधिकारी के समझाने बुझाने पर सदस्य शांत हुए और बैठक शुरू हो सकी।
शनिवार को जिला योजना की बैठक विकास भवन में प्रस्तावित थी।
सभी सदस्य और अधिकारी उपस्थित हो गए और प्रभारी मंत्री का इंतजार करने लगे। मंत्री के विलंब से पहुंचने पर सदस्यों ने नाराजगी जताई।
कई सदस्य तो उठकर चले भी गए लेकिन मंत्री के पहुंचने पर बैठक शुरू की गई। पिछली बैठक की कार्रवाई की पुष्टि की प्रक्रिया शुरू ही हुई थी कि जिला पंचायत सदस्य संजय सचान और बुद्धराज धाकड़ी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पिछली कई बैठकों में प्रभारी मंत्री नए हैंडपंप देने का आश्वासन देते हैं लेकिन बैठक के बाद कुछ कार्रवाई नहीं होती। ऐसे में प्रभारी मंत्री सदन को गुमराह कर रहे हैं।
इस पर मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने नए हैंडपंप देने पर रोक लगा दी है इसलिए दिक्कत आ रही है। इस पर अन्य सदस्यों ने एक स्वर से नाराजगी जताते हुए बैठक का बहिष्कार किया और सदन से बाहर चले गए। हो हल्ला शुरू होने से अफरातफरी का माहौल मच गया।
हालांकि जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चंद्र और जिलाधिकारी राकेश कुमार ने विकास भवन के बाहर खड़े सदस्यों को समझाने बुझाने की कोशिश की लेकिन सदस्यों ने किसी की एक नहीं सुनी।
हालांकि काफी मनाने के बाद सदस्य शांत हुए और बैठक आगे बढ़ सकी। बैठक के दौरान सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया कि जिला पंचायत से होने वाले कार्यों में ठेकेदार को अधिकारियों और मंत्री को दस फीसदी कमीशन देना पड़ता है। इसलिए कार्यों में गुणवत्ता नहीं आ पाती है।