राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंर्तगत क्रेडिट लिंकेज/ ऋण वितरण कैंप लगा। कैंप में 145 समूहाें को एक करोड़ 56 लाख 20 हजार रुपये का ऋण वितरित करते हुए आधा सैकड़ा स्वयं सहायता समूहों को बैंक की पासबुकें उपलब्ध कराईं गईं।
स्वयं सहायता समूहों को महिला सशक्तीकरण का एक हिस्सा करार देते हुए महिलाओं को और सशक्त बनने का आह्वान किया गया।
विकास भवन के सभागार में आयोजित एक दिवसीय कैंप के मुख्य अतिथि सीडीओ भवानी सिंह ने गरीब परिवार की महिलाओं को समूह के माध्यम से आर्थिक लाभ अर्जित करने को प्र्रेरित किया।
सीडीओ ने जोर दिया कि स्वयं सहायता समूहों के जरिए महिलाओें को स्वावलंबी बनाने का काम हो रहा है। इन समूहों के माध्यम से महिलाएं एक साथ कुछ कर गुजरने की चाहत के साथ खुद को सशक्त बनाने में सफल हो रहीं हैं। बड़ौदा उ.प्र. ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक एसके लाल ने बताया कि बड़ौदा उ.प्र. ग्रामीण बैंक ने चालू वित्तीय वर्ष में 540 महिलाओं का समूह गठित किया है। उन्होंने हरेक गरीब परिवार की महिला को एनआरएलएम से जुड़ने पर जरूरत बताते हुए ऋण का ब्याज योजना का खुलासा किया। बताया कि योजना के तहत समूहाें को तीन लाख तक मात्र सात प्रतिशत ब्याज पर ऋण मुहैया कराया जाएगा। इसके बाद भी समय से समूहाें के समुचित लेनदेन एवं शीघ्र भुगतान करने पर तीन प्रतिशत ब्याज भी प्राप्त होगा। जिसमें ब्याज की प्रभावी दर चार प्रतिशत रह जाएगी। इससे पहले कैंप में 145 स्वयं सहायता समूहाें को एक करोड़ 56 लाख 20 हजार रुपये का ऋण वितरित किया गया। इस दौरान अग्रणी जिला प्रबंधक वीके गुप्ता, सांख्यिकी सहायक अनिल श्रीवास्तव, एसएसएल श्रीवास्तव, कमलेश गुप्ता, वीके मिश्र समेत ब्लाक के बीडीओ मौजूद रहे।