फतेहपुर। सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में अब मेडिकोलीगल रिपोर्ट केवल ऑनलाइन बनाई जाएगी। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने पत्र जारी किया है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि सभी चिकित्सकों का मेडलीप्र पोर्टल पर पंजीकरण कराया जाए और किसी भी स्थिति में मेडिकोलीगल रिपोर्ट ऑफलाइन न बनाई जाए। पोर्टल पर पहले से ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट बनाई जा रही है।
सीएमओ कार्यालय की ओर से जारी पत्र के अनुसार प्रत्येक चिकित्सालय और वहां कार्यरत प्रत्येक चिकित्सक का मेडलीप्र पोर्टल पर पंजीकरण होना आवश्यक है। सभी मेडिकोलीगल रिपोर्ट शत-प्रतिशत पोर्टल पर ही तैयार और अपलोड की जाएंगी। इसके अनुपालन में संबंधित अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि पंजीकरण पूरा होने का प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जाए।
नई व्यवस्था से मेडिकोलीगल मामलों में कई अहम बदलाव होंगे। पहले ऑफलाइन मेडिकोलीगल होने के कारण एफआईआर दर्ज होने में देरी हो जाती थी लेकिन अब ऑनलाइन व्यवस्था में पहले पुलिस को एफआईआर दर्ज करनी होगी, उसके बाद ही मेडिकोलीगल के लिए भेजा जाएगा। पुराने मामलों में ट्रायल के दौरान हस्तलिखित रिपोर्ट पढ़ने में कठिनाई, कार्बन कॉपी के धुंधले होने, शब्द मिटने, रिपोर्ट के फटने या खराब होने जैसी समस्याएं सामने आती थीं। कई मामलों में साक्ष्य के रूप में लगी पेन ड्राइव या सीडी के नष्ट होने का खतरा भी बना रहता था। नई ऑनलाइन व्यवस्था में ये सभी दिक्कतें समाप्त हो जाएंगी।
अब मेडिकोलीगल रिपोर्ट पुलिस के पोर्टल के साथ-साथ न्यायालय के पोर्टल पर भी उपलब्ध रहेगी। एक ही क्लिक में पूरी रिपोर्ट कोर्ट के सामने प्रस्तुत की जा सकेगी, जिससे साक्ष्य के रूप में इसका उपयोग अधिक मजबूत होगा और न्यायिक प्रक्रिया में आसानी आएगी।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी का पत्र प्राप्त हो गया है। सभी चिकित्सकों को मेडलीप्र पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराने के लिए कहा गया है। पंजीकरण प्रक्रिया पूरी होते ही नई व्यवस्था के तहत मेडिकोलीगल की ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।