जन अधिकार मंच के संस्थापक व पूर्व मंत्री बाबूसिंह कुशवाहा ने कहा कि बसपा का मानक बदल गया है। बसपा में पहले जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी भागेदारी मानी जाती थी, लेकिन अब जिसकी जितनी थैली भारी, उसकी उतनी भागेदारी मानक हो गया। यह भी कहा कि बसपा सरकार में सीएमओ और जेल में मारे गए डॉक्टर के हत्यारों को बचाने के लिए मुझे साजिश के तहत एनआरएचएम घोटाले में फंसाकर जेल भेजा गया। वे बुधवार को तांबेश्वर मंदिर के पास गेस्ट हाउस में आयोजित जनसंपर्क रैली को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि बसपा सरकार में मंत्री रहकर वे सीएमओ और डॉक्टर के हत्यारों के खिलाफ आवाज उठा रहे थे, जिसमें मुख्यमंत्री ने मुझसे इस्तीफा ले लिया। इसके बाद मुझे जेल भेजवा दिया। यह भी कहा कि बसपा सरकार में एनआरएचएम का मंत्री पद मेरे पास था ही नहीं और न ही मेरे माध्यम से कोई फाइल पास हुई है।
सीएमओ और डॉक्टर की हत्या के मामले में कहा कि स्वास्थ्य और कारागार मंत्री पद भी मेरे पास नहीं था। तीनों मंत्री पद पूर्व मुख्यमंत्री एवं बसपा सुप्रीमो मायावती के पास थे। आज भी सीएमओ और डॉक्टर के हत्यारों का पता नहीं लग सका है। पूर्व मंत्री ने कहा कि वोट से ही देश और प्रदेश का राजा चुना जाता है। पिछड़ी, अनुसूचित जाति के लोग देश और प्रदेश का राजा चुनने से पहले सोच लें कि कहां पर उनकी भलाई है।
बिना सपा का नाम लिए कहा कि पिछड़ी जाति को 27 फीसदी आरक्षण का प्रावधान है लेकिन एक, दो जाति के लोग ही आरक्षण का लाभ ले रहे हैं। अनुसूचित जाति में भी गिनी चुनी जाति के लोग ही लाभ पाते हैं। पिछड़े और दलितों की कई बिरादरी के लोगों को नौकरी और अन्य सुविधाओं में आरक्षण नहीं मिलता है।
उन्होंने कहा कि आरक्षण को लेकर हमारी लड़ाई जारी रहेगी। जिसकी जितनी संख्या, उस जाति के नाम पर उतना आरक्षण होना चाहिए। इससे हर जाति के लोगों को आरक्षण का लाभ मिलेगा। हरिपाल प्रजापति, लाल चौधरी, दरबारी निषाद, राजेंद्र पाल, इरफान इरशाद, रामसनेही ओमरे ने भी लोगों से जन अधिकार मंच को मजबूत बनाने की अपील की।
इस मौके पर जिलाध्यक्ष जितेंद्र मौर्या, उपाध्यक्ष रोहित कुशवाहा, पूर्व जिलाध्यक्ष उमेश कुशवाहा, जिला महासचिव नंदन मौर्या, प्रमोद कुशवाहा, अवधेश मौर्य, रतन कुशवाहा, रामराज कुशवाहा, पूर्व जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र मौर्य आदि मौजूद रहे।