आधा दर्जन सशस्त्र नकाबपोश बदमाशों ने शनिवार रात बहरौली गांव में एक किसान के घर पर धावा बोलकर लूटपाट की। बदमाशों ने शोर मचा रहे गृहस्वामी पर असलहे की बट से ताबड़तोड़ प्रहार कर लहूलुहान कर दिया। बदमाश नकदी और जेवरात समेत करीब दो लाख का माल लूट ले गए।
घटना की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने तफ्तीश शुरू की। फिंगर प्रिंट टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। पड़ताल में घटनास्थल पर शराब की बोतल का ढक्कन भी पाया गया। कोतवाल का दावा है कि घटना में शामिल एक बदमाश का सुराग लगा है। जल्द वर्कआउट किया जाएगा।
कोतवाली क्षेत्र के बहरौली गांव के किसान सतीश मिश्र उर्फ रजोले शनिवार रात खाना खाने के बाद बरामदे में सोने चले गए। घर पर शादीशुदा बेटी निशा, बेटे हर्षित, अविवाहित बेटी महिमा, नातिन काव्या और पत्नी सुनीता थीं। आधी रात के बाद पहुंचे आधा दर्जन सशस्त्र नकाबपोश बदमाशों ने रजोले के पड़ोसी रामनारायण के दरवाजे पर जल रहा बल्ब खोलकर दीवार पर रख दिया। इसके बाद दीवार फांद कर तीन बदमाश रजोले के घर में दाखिल हो गए।
बेटी महिमा की रजाई को एक बदमाश ने खींच लिया। जिससे वह जग गई। महिमा के शोर मचाने पर परिजन जाग गए। तभी एक नकाबपोश ने रजोल पर तमंचे के बट से सिर पर एक के बाद एक कई प्रहार कर उन्हें लहूलुहान कर दिया। रजोल की विवाहित बेटी, बेटे और पत्नी को भी पीटा और जान से मारने की धमकी देते हुए खामोश कर दिया। बदमाशों ने इसके बाद कमरे में रखा बक्सा और आलमारी खुलवाई।
आधा घंटे तक नंगनाच करने के बाद बदमाश पांच हजार की नकदी समेत मंगलसूत्र, सोने के टाप्स, झुमकी, चेन समेत अन्य जेवरात लूट लिए। बड़ी बेटी मंजू की रखी चेन, अंगूठी, झुमकी भी ले गए। आधा घंटे तक नंगनाच करने के बाद बदमाश फायरिंग करते हुए भाग निकले। 100 नंबर पर घटना की सूचना पर पुलिस के हाथ, पैर फूल गए। कार्यवाहक कोतवाल खुर्शीद अंसारी खजुहा पुलिस चौकी इंचार्ज सुशील वर्मा के साथ मौके पर पहुंचे।
फिंगर प्रिंट टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। टीम को अंग्रेजी शराब की बोतल का एक ढक्कन भी मिला। इससे यह कयास लगाए जा रहे हैं कि चोरों ने वारदात को अंजाम देने से पहले शराब भी पी। उधर, छुट्टी से लौटे कोतवाल आरके सिंह ने दोपहर बाद बहरौली पहुंचे और पीड़ित परिवार से मिलकर जानकारी हासिल की। कोतवाल ने दावा किया कि एक बदमाश का पता चल गया है। जिसकी गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। कोतवाल ने बताया कि चोरी और घर में घुसकर मारपीट करने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
बिटिया के इलाज को रखे रुपये धमका कर ले गए
रजोले की विवाहित बेटी निशा कानपुर के हाजीपुर गांव में ब्याही है। वह शुक्रवार को मायके आई थी। बकौल निशा, उसकी बेटी काव्या की तबियत खराब है। जिसके इलाज के लिए पांच हजार रुपये रखे थे। बदमाश धमका कर रुपये ले गए।
न पुलिस एक्टिव और न चौकीदार
शनिवार रात बहरौली गांव में हुई घटना ने ग्रामीणों को सुरक्षा के प्रति चितिंत कर दिया है। जानकारी पर घर से भाग कर आए गांव के चौकीदार सुखलाल ने स्वीकारा कि वह घटना वाली रात गश्त न करके घर में सो रहा था। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में कभी भी पुलिस गश्त करने नहीं आती है।
काश! 15 दिन पहले सक्रिय हो जाती पुलिस
पुलिस की निष्क्रियता के चलते शनिवार रात लूट की घटना अंजाम दी गई। एक पखवारे से क्षेत्र में बदमाशों की चहल कदमी तेज थी। एक घर में पांच बदमाश घुसे थे। ग्रामीणों ने इनमें से एक को पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया था। ग्रामीणों की इत्तला के बावजूद पुलिस ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। नतीजा असलहों से लैस नकाबपोश बदमाशों ने एक बड़ी वारदात कर डाली।
बता दें कि 10 दिसंबर की रात बहरौली गांव निवासी शिव कुमार यादव के घर पांच बदमाश घुसे थे। आहट पाकर जागे गृहस्वामी के शोर मचाने पर चार बदमाश तो भाग निकले थे, जबकि एक बदमाश खजुहा कस्बा निवासी दिलदार के बेटे बुल्ला को पकड़ कर खजुहा पुलिस को सौंप दिया था। ग्रामीणों ने बताया कि पुलिस ने उसे छोड़ दिया था। जिससे बदमाशों के हौसले बढ़ गए और उन्होंने लूट की वारदात को अंजाम दिया।
ग्रामीणों का कहना हैं कि वह लोग लगातार खजुहा पुलिस को बदमाशों की चहल कदमी की जानकारी देते रहे। अगर पुलिस सक्रिय होकर गश्त तेज कर देती तो शायद लूट की घटना न होती। ग्रामीणों का आरोप है कि इलाकाई पुलिस की निष्क्रियता लंबे समय से कायम है। यह तब चेतती है जब अपराध हो जाता है।