आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र अब मैनुअल जारी नहीं होंगे। प्रमाण पत्र बनवाले के लिए एकल खिड़की राजस्व परिषद के आदेश पर तत्काल बंद करा दी गई है। बदली व्यवस्था के तहत अब स्टेट सर्विस डिलेवरी गेटवे (एसएसडीजी) के तहत ही प्रमाण पत्र जारी होंगे। हालांकि अभी लोकवाणी और सहज जनसेवा केंद्रों के माध्यम से ही प्रमाण पत्र जारी होते रहेंगे।
फर्जी प्रमाण पत्र जारी होने की लगातार शिकायतों पर राजस्व परिषद ने सभी जनपद और तहसील केंद्र में संचालित एकल विंडो तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया है। बता दें कि एकल विंडो में निर्धारित 20 रुपये शुल्क के स्थान पर 50 से लेकर सौ से डेढ़ सौ रुपये तक खुलेआम लिए जाते हैं। फर्जी और गलत प्रमाण पत्र बनाने में तो हजारों रुपये के वारे न्यारे किए जाते थे। एसएसडीजी व्यवस्था जल्द लागू कर दी जाएगी। एसडीएम और तहसीलदार को एक एक लैपटॉप दे दिए गए हैं। दोनों अधिकारी आवेदन पत्रों को अवलोकन करके डिजिटल साइन करेंगे। आनलाइन से ही प्रमाणपत्र निकाले जाएंगे। आवेदक भी आनलाइन ही आवेदन कर सकते हैं। एसडीएम बलराम सिंह ने बताया कि एकल विंडो बंद कर दी गई है। एसएसडीजी व्यवस्था भी लागू कर दी गई है।