फतेहपुर। प्रयागराज महाकुंभ की वजह से जिले के होटलों और ढाबों ने चालीस दिन में करीब 27 करोड़ रुपये का कारोबार किया है। यह सामान्य दिनों की अपेक्षा तीन से चार गुना अधिक है।
जनपद में हाईवे किनारे 150 होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट हैं। महाकुंभ अमृत स्नान 13 जनवरी से शुरू होकर 26 फरवरी तक चला। इस बीच जिले के करीब 80 किलोमीटर नेशनल हाईवे किनारे स्थित होटल ढाबों में एक दिन में औसतन 300 यात्रियों ने खाना और जलपान किया। एक होटल में करीब 150 रुपये प्रति थाली के हिसाब से एक दिन का 45 हजार व 40 दिन में करीब 18 लाख रुपये का कारोबार हुआ है। इसी तरह हाईवे किनारे सभी प्रतिष्ठानों में महाकुंभ के दौरान 27 करोड़ रुपये का कारोबार सिर्फ भोजन से हुआ। वहीं महाकुंभ से पहले सामान्य दिनों में इन प्रतिष्ठानों में एक दिन में औसतन 100 यात्री भोजन करते थे। इस तरह एक होटल में औसतन 15 हजार रुपये का व्यवसाय होता था। इस तरह महाकुंभ में इनका कारोबार तीन गुना अधिक हुआ। वहीं भीड़ बढ़ने पर हाईवे किनारे स्थित चाय नाश्ते की 300 दुकानों से एक दिन में 60 हजार रुपये व एक महीने में 18 लाख रुपये का कारोबार हुआ। इस दौरान सबसे अधिक चाय की बिक्री में इजाफा हुआ। हाईवे किनारे स्थित चाय की एक दुकान में 100 चाय बेची गई। एक चाय की कीमत 20 रुपये थी। इस तरह एक दुकान में दो हजार रुपये व 300 दुकानों में 60 हजार और एक महीने के दौरान 18 लाख रुपये का कारोबार हुआ। वहीं एक दिन में तीस हजार कप चाय बिक्री के हिसाब से एक महीने में करीब 9 लाख कप चाय लोगों ने पी।