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लूटकांड में धरा iगया अमेठी का गैंग

Sat, 20 Aug 2016 01:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर
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पुलिस के हत्थे चढ़े वाहन लुटेरे। - फोटो : अमर उजाला
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 जिले की हाईवे पर वैन व पिकप लूटने वाले बदमाश अमेठी के निकले। पुलिस ने एक ऐसे गैंग के चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनसे लूटी पिकप, कई बाइकें  व कटी हालत में वैन बरामद की गई है।
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 सीओ सिटी समरबहादुर ने बताया कि उक्त लूटकांड के खुलासे के लिए क्राइम ब्रांच और हुसैनगंज पुलिस लगाई गई थी। सर्विलांस के जरिये आरोपियों की लोकेशन मिली। अमेठी के दुर्गापुर रोड एसडीएम कालोनी सरवनपुर इलाके में छापेमारी की गई। पुलिस ने यहां से दिलीप रैदास निवासी बड़ौरी कल्यानपुर फतेहपुर, शशांक त्रिपाठी निवासी गायत्री नगर अमेठी, अंकुर मिश्रा उर्फ  मोनू मिश्रा, राजकुमार सोनी निवासी बंदोई थाना मुंशीगंज अमेठी को गिरफ्तार किया. जबकि इनका एक साथी गौरव शुक्ला निवासी दुर्गापुर भागने में सफल रहा।


गैंग का मास्टरमाइंड दिलीप रैदास है, यह काफी समय से अमेठी में रहकर गैंग चला रहा था। सीओ ने बताया कि आरोपियों से पड़ताल में चौडगरा से 26 जुलाई को लूटी वैन का खुलासा हुआ। इस वैन को कानपुर से बुक कराया गया था। कल्यानपुर के चौडगरा के पास चालक को नशीला पदार्थ खिलाकर बदमाश वैन लूट ले गए थे। आरोपियों में मोनू मिश्रा और राजकुमार सोनी कबाड़ी है, इनके पास से शहर से चोरी क ई बाइकें, वाहनों के  कागजात, पिकप लोडर, कटी वैन के इंजन व पार्ट्स बरामद हुए हैं।
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खुलासे में एसओ शिवमंगल सिंह, एसएसआई इजहार अहमद समेत थाने की टीम व क्राइम ब्रांच प्रभारी अर्जुन सिंह, सर्विलांस प्रभारी राजेश सिंह की अहम भूमिका रही है।  बता दें कि कल्यानपुर थाना क्षेत्र के खानपुर निवासी बबलू सोनकर से 13 अगस्त को पिकप बुक की गई थी। पिकप बुक कराने वाला अनजान शख्स था, उसने बेरागढ़ीवा थाना हुसैनगंज से गेहूं का भाड़ा लाने को कहा था। चालक बबलू को सदर कोतवाली क्षेत्र के बाईपास के पास उसने कोल्ड ड्रिंक में नशीली दवा मिलाकर पिला दिया था। चालक के बेहोश होने पर लुटेरा पिकप लेकर फरार हो गया था।

अमेठी में छात्र बनकर रहता था दिलीप- मास्टरमाइंड दिलीप रैदास अमेठी में दिलीप सिंह बनकर रहता था। वह खुद को बीटेक का छात्र बताता था, उसने अमेठी में चोरी, लूट के वाहनों को ठिकाने लगाने का नेटवर्क बना लिया था। हाईवे से वाहन लूटने के बाद सीधे अमेठी व प्रतापगढ़ ले जाते रहे हैं।



खुद बुक कराता था वाहन- पुलिस के मुताबिक लुटेरों के रडार पर आने वाले वाहनों को बुक कराने का काम दिलीप रैदास करता था और उसके चालक को बेहोश करने तक पूरी टीम आगे-पीछे दूसरे वाहनों से रहती थी। चालक  को बेहोश करने के बाद बाकी लुटेरे पहुंच जाते थे। इनमें एक लुटेरा बाइक से पुलिस की लोकेशन लुटे वाहन में सवार साथियों को देता रहता था। इस तरह से गैंग काम को अंजाम देता रहा है। अमेठी का फरार गौरव शुक्ला वाहनों को ठिकाने लगवाने का काम का माहिर था, उसके कबाड़ियों से लंबे कनेक्शन पुलिस बता रही है।
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