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बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे राहगीर

Wed, 27 Apr 2016 12:51 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, फतेहपुर
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पानी के लिए लाइन में खड़ी महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला
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डीएम साहब, शहर में दोपहर के समय राहगीरों को बूंद-बूंद पीने के पानी को तरसना पड़ रहा है। बिजली कटौती के कारण जलापूर्ति बंद हो जाती है। स्टैंडपोस्ट गायब और सरकारी हैंडपंप खराब हैं। नगर पालिका परिषद ने अभी तक सार्वजनिक प्याऊ की व्यवस्था नहीं की है। ऐसी हालत में गरीब राहगीरों को प्यास से जूझना पड़ता है।
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दो दशक पहले शहर के 240 स्थानों पर नगर पालिका ने स्टैंडपोस्टों का निर्माण कराया था। सार्वजनिक स्थलों के साथ प्रमुख सड़कों किनारे जगह-जगह स्टैंडपोस्ट बने थे, जिनसे राहगीरों को पीने का पानी आसानी से मिल जाता था। मरम्मत के अभाव में एक-एक कर स्टैंडपोस्ट खत्म हो गए। वर्तमान समय में शहर में शायद ही कहीं स्टैंडपोस्ट दिखाई पड़े।

शहर में लगे 825 इंडिया मार्का हैंडपंप खराब हैं। बजट के अभाव में खराब हैंडपंपों की रिबोरिंग नहीं हो पा रही है। इसका खामियाजा राहगीरों को भुगतना पड़ा रहा है। शहर में अस्पताल रोड पर अमर शहीद डिप्टी कलेक्टर हिकमतउल्ला पार्क के सामने और वर्मा चौराहे में नगर पालिका ने फुटबालनुमा टंकिया रखी हैं।
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इनमें टोंटियां लगी हैं लेकिन गंदगी के कारण राहगीर इन टोटियों से पानी पीना मुनासिब नहीं समझते हैं। जस-तस हालत में शहरवासी तो पानी की जरूरत तो पूरी कर ले रहे हैं, लेकिन बाहरी लोगों का खरीदकर पानी पीना मजबूरी है। यह कारण है कि शहर की ज्यादातर दुकानों में पानी के पाउच और बोतलें बिक रही हैं।

बस, टेंपो स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर बच्चे पानी के पाउच सुबह से देर रात तक बेच रहे हैं। अधिशासी अधिकारी रश्मि भारती कहती हैं कि प्याऊ की व्यवस्था अधिक सफल नहीं है। प्रशासन इसका कोई दूसरा विकल्प तलाश रहा है। अगर जल्द कोई विकल्प नहीं मिला तो जरूरी स्थानों पर जल्द ही प्याऊ लगा दिए जाएंगे।
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