फतेहपुर। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन सरकारी दफ्तरों में लॉकडाउन का असर कम रहा। दफ्तरों में सोशल डिस्टेंस (कम से कम एक मीटर की दूरी) की धज्जियां उड़ीं। खासतौर पर ऐसे दफ्तरों में जहां से विभिन्न तरह के भुगतान लंबित हैं।
वित्तीय साल के अंतिम दिन मंगलवार को अन्य दिनों की अपेक्षा शहर में अधिक लोग दिखाई पड़े। ज्यादातर सरकारी कर्मचारी दफ्तर पहुंचे। पीडब्ल्यूडी, नगर पालिका, नगर पंचायतें, समाज कल्याण, विकास भवन के दफ्तरों में क्लोजिंग को लेकर देर शाम तक आंकड़े तैयार कर बजट में संतुलन बिठाने का काम करते रहे।
हालांकि अधिकारी अपने आवासों में रहे। संबंधित लिपिक उनके पास पहुंचकर पत्रावलियों में हस्ताक्षर बनवा कर कोषागार में बिल प्रस्तुत करते रहे। कोषागार में सोशल डिस्टेंस का पालन नजरंदाज हुआ। नगर पालिका फतेहपुर में तो सुबह से शाम तक ठेकेदारों की लाइन लगी रही।
अधिक से अधिक भुगतान पाने के लिए प्रयास जारी रहे। ईओ नगर पालिका मीरा सिंह ने बताया कि वित्तीय साल का अंतिम दिन होने के कारण क्लोजिंग की वजह से कार्यालय खोला गया।