फतेहपुर। खनिज वाहनों की निकासी में वसूली और इंट्री का खेल जिले में भी जारी है। खदानें बंद होने के बाद मौरंग डंप और गिट्टी लदे ओवरलोड ट्रक व डंपर हाईवे मार्गों से धड़ल्ले से गुजर रहे हैं। वाहनों को पास कराने वाले लोकेटर भी सक्रिय हैं। महोबा में गिट्टी लदे वाहनों को पास कराने के मामले में दो होमगार्ड समेत 17 लोकेटरों पर कार्रवाई हुई है।
जिले से भी महोबा की ओर से रायबरेली और लखनऊ जाने वाले बड़ी संख्या में वाहन निकलते हैं। जिले में एसटीएफ लखनऊ ने 11 नवंबर को ओवरलोड वाहनों से इंट्री लेकर पास कराने के मामले का खुलासा किया था। थरियांव थाने में खनिज अधिकारी, एआरटीओ और पीटीओ के प्राइवेट चालक बबलू, विक्रम, धीरेंद्र और मुकेश तिवारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
इसके बाद दूसरी प्राथमिकी खान निरीक्षक की ओर से 23 नवंबर को सदर कोतवाली में दर्ज कराई गई। इसमें बहुआ के ढाबा संचालक देवांश, बेरागढ़ीवा के रामू यादव, कपिल यादव और लोकेशन में शामिल आठ कार नंबरों को शामिल किया गया था। रायबरेली के लालगंज थाने में जिले की तत्कालीन एआरटीओ पुष्पांजलि मित्रा गौतम, पीटीओ अखिलेश चतुर्वेदी, लोकेटर मिथुन समेत 11 लोगों के खिलाफ एसटीएफ ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
मामले में विवेचक ने बहुआ के ढाबा संचालक देवांश, जयरामनगर के धीरेंद्र, विक्रम सिंह, विकास पटेल, कपिल तिवारी, मुकेश तिवारी, बेरागढ़ीवा के संदीप पटेल और आकाश पटेल के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। खनन अधिकारी के गनर राजू यादव, रामू, मिथुन और कपिल समेत कई आरोपी अभी फरार हैं।
पुलिस की विवेचना की गति धीमी पड़ गई है। जांच की आंच अभी अधिकारियों तक नहीं पहुंच सकी है। वहीं ओवरलोड वाहनों की निकासी के एवज में वसूली और इंट्री का खेल जारी है। थरियांव सीओ दुर्गेश दीप ने बताया कि प्रकरण की विवेचना चल रही है। खनिज अधिकारी सोमेंद्र तिवारी ने बताया कि टीमें लगातार ओवरलोडिंग के खिलाफ कार्रवाई कर रही हैं।