विवेचना दौरान पति, ससुर और सास के खिलाफ पुलिस चार्जशीट लगाई। जेठ, जेठानी को साक्ष्यों के आभाव में नाम हटाया था। सहायक शासकीय अधिवक्ता देवेंद्र सिंह भदौरिया और पैरवी पक्ष के अधिवक्ता प्राचित्य पौरव ने पीड़ित पक्ष की ओर से मंगलवार को अंतिम सुनवाई दौरान कोर्ट के समक्ष गवाहों के आधार पर सजा की मांग की।
सहायक शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि पति को आजीवन कारावास और 33 हजार 500 रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया है। वहीं सास और ससुर को 10 साल की कैद और 17 हजार 500 प्रत्येक को अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़ित पक्ष को दी जाएगी।