खागा के आईसीआईसीआई के एटीएम में लगी भीड़
तहसील क्षेत्र के गांवों में चलन से बाहर हुई पांच सौ और हजार के नोट को लेकर बड़ी ऊहापोह है। लोगों में भ्रम फैल गया है कि उनकी जमापूंजी में जुटा यह नोट अब बेकार हो गया। इसी के चलते खेती के कामकाज छोड़ लोग सुबह से ही बैंक और एटीएम के सामने जुट गए। यहां भी एटीएम ने दगा दिया जिससे बड़े किसान और दुकानदार प्रभावित हुए, वहीं मध्यम वर्ग के ग्रामीण खाद, बीज और सिंचाई के लिए रकम की लेनदेन को लेकर चिंता में हैं। नई करेंसी ज्यादातर बैकों के काउंटरों में उपलब्ध न होने से लोगों को बिना रुपयों के घर लौटना पड़ा। तमाम लोग गृहस्थी का सामान खरीदने को साथ लाया झोला खाली लेकर गए। ज्यादा चिंता उन्हें हैं जिनके घर जल्द ही शहनाई बजनी है।
खागा। बैंक और डाकघर शाखाओं में जमा, निकासी और नोट बदलने के लिए दूसरे दिन भी हुजूम उमड़ा। लंबी लाइनें लगीं। भीड़ कंट्रोल करने के लिए पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी। कहीं-कहीं पर तो बैंकों के गेट तक बंद करने पड़े, हो- हल्ला भी होता रहा। शुक्रवार को बैंक खुलने से पहले ही लोग जुटने लगे थे। तीन-तीन चार-चार घंटे इंतजार के बाद लोगों को बदले में सौ-सौ व दो हजार के नोट मिल सके। बैंक को काउंटरों की संख्या में इजाफा करना पड़ा। सेवानिवृत्त कर्मचारियों और अन्य जान पहचान के लोगों को भी व्यवस्था संभालने के लिहाज से काउंटरों पर बिठाया गया। एसबीआई शाखा प्रबंधक सुनील कुमार ने बताया कि दो दिनों में करीब तीन करोड़ रूपया दिया जा चुका है। यही हालत रही तो नोेट बदलना बंद करना पडे़गा। अभी तक नई करेंसी नहीं आई है। जो आ रही है, उसमें केवल दो हजार के नोट हैं। बीओेबी, पीएनबी, बडौदा पूर्वी ग्रामीण बैंक में भी भीड़ का आलम रहा। धाता, विजयीपुर, किशनपुर, खखरेरू, प्रेमनगर, हथगाम सहित आदि बैंकों में रुपये जमा करने वालों की भीड़ लगी रही। बैंकों में उमड़ी भीड़ को कंट्रोल करने और सुरक्षा व्यवस्था कायम रखने के लिए भारी संख्या में पुलिसबल को लगाना पड़ा। एसबीआई में सीओ अतुल चौबे, कोतवाल एयू सिद्दीकी, एसआई अंकुर कैथवास सहित करीब एक दर्जन सिपाही एवं होमगार्ड दिनभर तैनात रहे। महिला सिपाही भी महिलाआें को लाइन में लगाती रहीं। ऐसा ही बीओबी, पीएनबी सहित सभी बैंकों में सुरक्षा के लिहाज से किया गया।