हाईवे पर खड़े ट्रक दे रहे हादसों को दावत।
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जिले के हाईवे पर होने वाले दुर्घटनाओं में सबसे बड़ा कारण सर्विस लेन को छोड़कर मनचाही जगह ट्रक खड़ा करना है। हादसों को रोकने की कवायद में इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। 24 घंटे में खड़े ट्रकों से दो रोडवेज बस टकरा गई हैं। पहले हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई। हादसे से प्रशासन के सबक न लेने की वजह से उसी थाना क्षेत्र में दूसरी रोडवेज बस भिड़ गई।
पुलिस आंकड़ों के मुताबिक रोजाना हाईवे पर एक व्यक्ति की मौत होती है। 90 किलोमीटर के हाईवे पर 15 दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र हैं। हादसों के कारण पर गौर करें तो सबसे अधिक दुर्घटनाएं खड़े वाहनों से होती है। खडे़ वाहनों से दुर्घटनाओं के पीछे और भी कई वजह होती हैं, लेकिन नियम ताक पर रखकर हाईवे पर ही ट्रक खड़ा कर देना ज्यादा घातक है।
नेशनल हाईवे में वाहनों को खड़ा करने के लिए कई जगहों पर सर्विस लेन बने हैं। इसके बावजूद चालक ट्रकों को बगैर सर्विस लेन वाले स्थानों पर खड़ा करते हैं। हाईवे से जुड़े अफसरों के अनुसार 60 से 80 किलोमीटर की स्पीड में जा रहे वाहनों के लिए अचानक सामने खड़े ट्रक दिखने के बाद सामने से कोई वाहन आया तो बचा पाना मुश्किल हो जाता है। इन हालातों में पीछे से घुसने वाले वाहन चालकों को जिम्मेदार नहीं माना जा सकता है।