फतेहपुर। जिला कार्यक्रम अधिकारी साहब यादव पर अधिवक्ताओं ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। शुक्रवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंंपा है। अधिवक्ताओं ने सभी बिंदुओं पर जांच कराते हुए कार्रवाई की मांग उठाई है। अधिवक्ताओं ने ढाई करोड़ की घटिया सामग्री खरीदने का, भुगतान में अनियमितता समेत कई आरोप लगाए हैं।
अधिवक्ता राजेश कुमार, मो. आसिफ, उपेंद्र कुमार, श्रीनारायण, वासुदेव पासी का आरोप है कि आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए ढाई करोड़ कीमत की सामग्री की खरीद की गई है। इसके गुणवत्ता की जांच तक नहीं कराई गई और न ही परियोजना को इसका कोई सैंपल उपलब्ध कराया गया। खरीदी गई सामग्री घटिया किस्म की है। राजपत्रित अधिकारी होने के बावजूद नवंबर 2023 में 6908 रुपये बोनस लिया गया है, जो कदाचार की श्रेणी में आता है। पीएफएमएस से किए गए भुगतान को किसी पंजिका में अंकित नहीं किया गया। कर्मचारियों का संबद्धीकरण करना, सीधे भुगतान के कई प्रकरण हैं।
आरोप लगाया कि कर्मचारियों का भुगतान रोकना और सुविधा शुल्क लेकर भुगतान किया जा रहा है। परियोजना असोथर में दो बाल विकास अधिकारियों की नियुक्ति कर रखा है। जबकि धाता और बहुआ परियोजना खाली हैं। अनुसूचित जाति की बालविकास परियोजना अधिकारियों को निरंतर नोटिस देकर मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है। रात आठ बजे तक कार्यालय खोलकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के चयन में वसूली की जाती है। अधिवक्ताओं ने इन सभी बिंदुओं में जांच कर कार्रवाई की मांग की है।