जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से रैपिड एक्शन फोर्स की टुकड़ी 25 मई तक अभियान चलाएगी। फोर्स आम जनमानस के बीच जाकर उनकी शांति व्यवस्था से जुड़ी बातचीत को सुनेगी और शासन तक रिपोर्ट पहुंचाएगी।
टीम के डिप्टी कमांडेट अलख शुक्ला ने सोमवार शाम को एक होटल में पत्रकारों से वार्ता करके बताया कि आरएएफ का गठन 1992 में हुआ था। उनकी टीम का मुख्यालय इलाहाबाद में है।
टीम के अंडर में 40 जिलों का दायित्व है। उन्हें साल भर में एक बार हरेक जिले का आबो-हवा से परिचत होना होता है। आपात परिस्थितियों में संबंधित जिले में चार बार तक जाते हैं। वह इस जनपद में परिचितीकरण अभ्यास अभियान के तहत आए हैं।
खुलासा किया कि जिले के अधिकारियों, सियासी दलों के नेताओं, धर्म गुरूओं, ग्राम प्रधानों व आम जनमानस से मुलाकात करेगे। यहां पर सामाजिक और संप्रदायिक हालातों की जानना है और लोगों के बीच शांति व्यवस्था का संदेश देना है।
उनकी टीम सदर कोतवाली, खागा कोतवाली, किशनपुर थाना, खखरेरू, धाता, हथगाम, सुल्तानपुर घोष, जाफरगंज, चांदपुर समेत कई थानों का निरीक्षण करेगी। उनका अभियान 25 मई तक समाप्त होगा। इस दौरान किसी भी तरह की घटना, बलवा होता है तो उसका भी मुकाबला करेगे। अभियान की समाप्ति के बाद जिले की रिपोर्ट शासन तक पहुंचाई जाएगी।