फतेहपुर/जाफरगंज। ज्योति हत्याकांड में रविवार को उसके पिता जगरूप, दर्जनों ग्रामीणों के साथ फतेहपुर पुलिस आफिस पहुंचे। उन्होंने जाफरगंज पुलिस की कार्यशैली को संदिग्ध बताते हुए गहनता से जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि राजेश की प्रेमिका, एक कोटेदार व राजेश के इटावा के साथी की भूमिका की जांच की जाए।
जाफरगंज थानाक्षेत्र के डांडा अमौली गांव की रहने वाली ज्योति की हत्या उसके पति राजेश द्वारा सतना जिले के अनुसुइया जंगल में 16 जून को कर दी गई थी। उसके शव के अवशेष 27 जून को पुलिस को मिले। इस मामले में पुलिस ने हत्या की जगह दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। इतना ही नहीं परिजनों के ठोस बयानों को
नजरअंदाज करते हुए कई अहम बिंदुओं की जांच किए बगैर ही राजेश को जेल भेज दिया गया। इस मामले में पिता जगरूप का आरोप है कि राजेश ने उनकी बेटी की हत्या करने के साथ ही उसके अंगों की तस्करी की है। रविवार को वह ग्रामीणों के साथ पुलिस आफिस पहुंचे और शिकायत की। जगरूप ने कहा कि पुलिस सबसे पहले
राजेश की गायब प्रेमिका, क्षेत्र के कोटेदार व एक इटावा के युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ करे। बताया कि इटावा का युवक, राजेश का दोस्त है और दोनों सूरत में साथ ही काम करते थे। अनुमान है कि उसके साथ ही मिलकर यह घटना की गई है। पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने जांच का भरोसा दिलाया है। घटना की जांच कर रहे सीओ जाफरगंज डीसी मिश्र ने कहा कि वह घटना की जांच कर रहे हैं और अगर कोई भी इस घटना से जुड़ा है तो उसे माफ नहीं किया जाएगा।