फतेहपुर। नगर पालिका के सफाई कर्मचारी भी लॉकडाउन मानकर घर बैठ गए हैं। सोमवार को शहर के डंपिंग सेंटरों से कूड़े का उठान नहीं हो पाया। डंप कूड़े में अन्ना मवेशियों का जमवाड़ा लगा है। सड़क किनारे के कूड़ा डंपिंग सेंटरों में मवेशियों के जमा होने के कारण यातायात व्यवस्था प्राभावित रही है।
तीन दिन के लाकडाउन में ही शहर में कूड़े के ढ़ेर ही ढ़ेर नजर आ रहे हैं। शहर के आईटीआई के सामने, एलआईसी के सामने, नवीन मार्केट के सामने, तकिया तले, आबूनगर, वर्मा चौराहा, मिशन अस्पताल के सामने अदि डंपिंग सेंटर में पूरा दिन कूड़ा डंप रहा। सभी डंपिंग सेंटरों में अन्ना मवेशियों का जमवाड़ा लगा रहा। मवेशियों के कारण लोगों को आने जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ऐसे में गंदगी फैलने से संक्रामक बीमारियों की आशंका पैदा हो गई है
नगर पालिका के सफाई निरीक्षक राकेश कुमार गौड़ का कहना है कि शहर के सभी डंपिंग सेंटरों से प्रतिदिन कूड़े के उठान के निर्देश हैं। सोमवार को कूड़े का उठान क्यों नहीं हुआ, इसका पता किया जा रहा है। अगर किसी तरह की लापरवाही पाई जाती है, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
रामजी श्रीवास्तव का कहना है कि नगर पालिका कूड़े के नियमित उठान में लापरवाही बरत रही है। डंपिंग सेंटर के नियमित कूड़ा न उठाने से आसपास रहन वाले लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। गंदगी के कारण रात में मच्छरों के कारण घरों के बाहर बैठ पाना मुश्किल हो जाता है।
मो. नूर का कहना है कि शहर के सभी डंपिंग सेंटरों से दिन में दो पारा कूड़े का उठान होना चाहिए, लेकिन नगर पालिका एक बार भी कूड़े का उठान नहीं करा पा रही है। कूड़ा उठाने वाले कर्मचारी दोपहर तक काम करते हैं और इसके बाद अपने घर चले जाते हैं। यही कारण के कूड़े का उठान नहीं पा रहा है।
अंशू का कहना है कि नगर पालिका के सफाई कर्मी लॉकडाउन मानकर घर बैठ गए हैं। तीन दिन सफाई करने कोई कर्मचारी नहीं आया है। इतना ही नहीं नवीन मार्केट के सामने डंप कूड़े का तीन दिन से उठान नहीं हुआ है। अन्ना मवेशी पूरे सड़क पर कूड़ा कचरा फैला रहे हैं, लेकिन नगर पालिका इस समस्या से अनभिज्ञ है।
अनिल सिंह का कहना है कि सफाई व्यवस्था दुरुस्त न होने का कारण सफाई नायक हैं। निजी स्वार्थो को लेकर एक साथ कई-कई कर्मचारियों को छुट्टी दे देते हैं। ऐसे कर्मचारियों की कमी हो जाती है, जिससे न तो समय से कूड़े का उठान होता है और न ही झाडू ही लग पाती है। सफाई नायकों पर लगाम कसी जाए।