फतेहपुर। कोरोना वायरस के बढ़ते कहर के मद्देनजर अब जिला अस्पताल( पुरुष व महिला) को कोविड हॉस्पिटल में तब्दील किया जाएगा। यहां वह रोगी होंगे, जिनकी कोरोना रिपोर्ट तो निगेटिव होगी लेकिन लक्षण के आधार पर संभावित संक्रमित मरीज की श्रेणी में शुमार होंगे।
दरअसल, ऐसे रोगियों पर नजर रखनी अब बेहद जरूरी हो गई है क्योंकि केवल रैपिड एंटीजन टेस्ट या फिर आरटी पीसीआर टेस्ट की रिपोर्ट के आधार पर ही इस संक्रमण का पैरामीटर नापना ठीक नहीं रह गया है। शायद यही कारण है कि रैपिड एंटीजन टेस्ट या फिर आरटी पीसीआर की रिपोर्ट निगेटिव होने के बावजूद लक्षण दिखने पर लोगों को कोविड-19 गाइडलाइन के तहत स्वास्थ विभाग, नजर रखने के साथ दवाएं उपलब्ध कराने का जिम्मा भी उठा रहा है।
प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को पुरुष व महिला अस्पताल के अधिग्रहण का प्रस्ताव बनाया है। जिसमें महिला अस्पताल के 36 और पुरुष अस्पताल के 98 बेड को मिलाकर 134 बेड की व्यवस्था का खाका तैयार किया गया है।
फतेहपुर। जिले में मौजूदा समय सिर्फ दो कोविड हॉस्पिटल संचालित हो रहे हैं। एल वन श्रेणी का थरियांव सीएचसी और एल टू श्रेणी का कोविड हॉस्पिटल इलाहाबाद इंजीनियरिंग कॉलेज खागा में है। बिंदकी सीएचसी को 50 बेड का कोविड हॉस्पिटल पर काम चल रहा है। इसके अलावा शहर के ब्रॉडवेल मिशन हॉस्पिटल भी इसी फेहरिस्त में है।
जिला मुख्यालय में स्थित पुरुष व महिला अस्पताल को कोविड हॉस्पिटल बनाया जाना है। दोनों अस्पताल में ऑक्सीजन सपोर्ट की बेहतर सुविधा के साथ 17 वेंटिलेटर भी उपलब्ध हैं। यहां पर उन मरीजों को रखा जाएगा, जो कोरोना संक्रमित तो नहीं होंगे लेकिन उनमें संक्रमण के लक्षण होगें।
-डॉ. संजय कुमार, एसीएमओ