गीत संगीत के बीच श्रीमद् भागवत कथा सुन भक्त भाव विभोर हो गए। कथा वाचक ने कृष्ण और सुदामा की मित्रता का वृतांत सुनाया जिसे सुनकर भक्त कृष्ण भक्ति में खो गए। कथा के बाद भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया।
गांव कुसुंभी में तीन सितंबर से भागवत कथा का आयोजन हो रहा है। बुधवार को कथावाचक सुरेश कुमार त्रिपाठी ने सुदामा चरित्र का वर्णन किया। आचार्य ने बताया कि कृष्ण और सुदामा की सच्ची मित्रता को भुलाया नहीं जा सकता। सुदामा जब श्रीकृष्ण से मिलने जाते हैं तो कृष्ण सुदामा को गले से लगा लेते हैं और उनके चरणों को आंशुओं से धोते हैं। कथावाचक ने अरे द्वार पालों कन्हैया से कह दो कि दर पे सुदामा गरीब आ गया है... गीत सुनाया तो भक्त नाचने लगे। ग्रामीणों के सहयोग से श्रीमद् भागवत कथा आयोजन हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि गुरुवार को कथा के समापन के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। कथा में संगीत दीपू द्विवेदी तबलावादक का रहा।