गंगा नदी में डॉल्फिन की गिनती करने वाली टीम
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गंगा नदी में डॉल्फिन का पता लगाने वाली टीम रविवार की शाम को मलवां के कोटिया क्षेत्र में पहुंची है। वन विभाग व डब्लूडब्लूएफ (वर्ल्ड वाइड फंड फॅार नेचर) की संयुक्त टीम सोमवार सुबह छह बजे यहां से रवाना होगी। भिटौरा घाट में दोपहर 11 बजे पहुंच कर दो घंटे आराम करेगी। इसके बाद टीम कानपुर लौट जाएगी।
अभियान के प्रभारी डॉ. सीताराम टैगोर ने बताया कि मोटरबोट से गंगा नदी में डॉल्फिन गिनती का अभियान शुरू हुआ है। पीएसी के मोटरबोर्ड से संयुक्त टीम भिटौरा तक जाएगी। नजबगढ़ से कोटिया तक 41 किमी. में 19 डॉल्फिन देखी गई हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 में यूपी की नदियों में डॉल्फिन का सर्वे हुआ था।
उस समय 771 डॉल्फिन देखी गईं थी। वर्ष 2015 में अक्तूबर महीना के सर्वे में 1271 डॉल्फिन दिखाई दी हैं। सर्वे टीम के साथ असगर नवाब, मुख्य वन संरक्षक केआर यादव, अरविंद कुशवाहा, अक्षय बजाज और साथ 37 बीएन पीएसी के जवान सुभाष चंद्र, कालिका प्रसाद मौजूद रहे। अभियान प्रभारी ने बताया कि वह अपनी रिपोर्ट भारत सरकार को सौंपेंगे। इसका फायदा यह होगा कि जिस क्षेत्र में डॉल्फिन की संख्या होगी वहां नदियों के पानी की साफ-सफाई, उसे प्रदूषण रहित करने का काम सरकारें करेंगी।