फतेहपुर। कोरोना के कहर से बचने के लिए एहतियातन जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। सार्वजनिक स्थानों पर सफाई के साथ लोगों को मास्क पहनकर निकलने की सलाह दी जा रही है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग व्यवस्थाओं को लेकर अभी तक संजीदा नहीं है। हाल यह है कि एंबुलेंस में अभी तक इस खतरनाक वायरस से बचाने के लिए विशेष मेडिकल किट उपलब्ध नहीं कराई गई है।
जिले मेें 108 नंबर की 30 एंबुलेंस और 102 नंबर की 40 एंबुलेंस काम कर रही हैं। इसके अलावा तीन एएलएस (एडवांस लाइफ सपोर्ट) भी शामिल हैं। तीनों एंबुलेंस की सेवाएं आमजन तक पहुंचाने के लिए 263 ईएमटी और पायलट लगे हैं। इस एंबुलेंस सेवा की जिम्मेदारी जीवीकेईएमआरआई कंपनी उठा रही है। कोरोना को लेकर एक ओर जहां स्वास्थ्य विभाग जनता को आगाह कर रहा है। जिसमें भीड़भाड़ वाले इलाके न जाने, हाथ न मिलाने, मुंह को मास्क से ढककर रखने के उपाय बताए जा रहें तो दूसरी तरफ इन सरकारी एंबुलेंस में अभी तक विशेष उपकरण व दवा किट उपलब्ध नहीं कराई गई है। जिसके चलते बगैर मास्क और कैंप के नजर पायलट और ईएमटी पहले की तरह बिंदास होकर मरीज और घायल के संपर्क में रहने के दौरान सहमे नजर आ रहे हैं। दरअसल, कोरोना के देश में एक के बाद एक निकल कर सामने आ रहे मामलों से यह एंबुलेंस स्टाफ सहमा है क्योंकि जेहन में खतरा समाने लगा है कि ज्यादा वक्त भीड़ के बीच बिताना कहीं खतरनाक न बन जाए।
कोरोना से बचने को यह है जरूरी
ट्रिपिल लेयर फेस मास्क। गाउन। दास्ताना। सर्जिकल कैप। हैंड बैग(मेडिसिन रखने का झोला)। फिनायल। हैंडवॉश। लिक्विड क्लीनिंग क्लाथ। परदे। बाल्टी
किट के लिए कई बार कहा जा चुका है
एंबुलेंस स्टॉफ के पास कोरोना से बचाव को कुछ भी नहीं है। यह स्थिति तब है जब यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष हनुमान पांडेय सेवा प्रदाता कंपनी से विशेष उपकरण किट उपलब्ध कराने की बात कह चुके हैं। - अवनीश पांडेय, जिलाध्यक्ष, एएलएस एंबुलेंस यूनियन
वर्जन
बेशक, इस वक्त ऐहतियात बरतने की जरूरत है। एंबुलेंस स्टॉफ मरीज के संपर्क में रहता है। ऐसी स्थिति में ईएमटी और पायलट के लिए जरूरी उपकरण किट की व्यवस्था सेवा प्रदाता कंपनी को कर देनी चाहिए। - डॉ. उमाकांत पांडेय, सीएमओ
कोरोना वायरस की रोकथाम पर शोधार्थी की नसीहत
छिवलहा। कस्बे के आदर्श नगर में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के शोधा र्थी हर्षित द्विवेदी ने कोरोना वायरस को लेकर जागरूकता संदेश दिया। पूर्व प्रधानाचार्य के घर आयोजित गोष्ठी में में बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण के लक्षण छह से 10 दिनों के बाद दिखाई देते हैं। शोधार्थी ने शरीर को स्वस्थ रखने पर जोर देते हुए ऐहतियात बरतने पर जोर दिया। इस मौके पर धर्मेंद्र द्विवेदी, प्रमोद द्विवेदी, राकेश द्विवेदी, संजीव, राजीव, अमर दीक्षित, अनुज, अंकुर मौजूद रहे।